सीजी भास्कर, 27 सितंबर : छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के बाद अब मौसम से थोड़ी राहत मिलने के संकेत हैं, लेकिन कई नदी-नाले अब भी उफान पर हैं। बारिश से राहत के आसार (Chhattisgarh Rain Alert) के बीच निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है। पिछले दिनों बारिश से जुड़े हादसों में मौतें हुई हैं और कई जगह फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर के लिए बारिश और मौसम की स्थिति पर जिला स्तर पर चेतावनी जारी की है।
यह भी पढ़ें : Raigarh House Collapse : बारिश में कच्चा मकान ढहा, महिला की मौत, पति-बेटा घायल
नदियां अब भी उफान पर
लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। रायपुर में खारुन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पुराना पुल पानी में डूब गया। पुल के ऊपर पानी बहने से अमलेश्वर जाने वाला रास्ता बंद करना पड़ा। महादेव घाट में भी जलस्तर बढ़ने के कारण गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। रायपुर में खारुन नदी के उफान से जलभराव की स्थिति भी सामने आई है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Highway Facilities : हाईवे पर बनेंगे आधुनिक यात्री सुविधा केंद्र, फूड कोर्ट से EV चार्जिंग तक
बाढ़ और हादसों में मौत
बारिश के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से हादसे हुए हैं। आपकी दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 12 लोगों के बहने की सूचना है, जिनमें तीन की मौत हुई है। रायपुर और बिलासपुर में बच्चों के डूबने की घटनाएं सामने आईं, जबकि कांकेर में बारिश के दौरान मकान गिरने से एक ग्रामीण की मौत की जानकारी दी गई है।
यह भी पढ़ें : Har Ghar Munga Abhiyan : ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा–घर-घर मुनगा’ अभियान
बस्तर में बढ़ा खतरा
बस्तर संभाग में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा है। इंद्रावती नदी के उफान से चित्रकोट जलप्रपात में भी तेज बहाव देखने को मिला। सुकमा के कोंटा क्षेत्र में सबरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने की सूचना है। निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका के बीच प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
यह भी पढ़ें : Chandanpur Name Change : चंडालपुर अब कहलाएगा चंदनपुर, राजपत्र के बाद गांव को मिली नई पहचान
कई जगह चला रेस्क्यू
दुर्ग जिले में बाढ़ में फंसी सात महीने की बच्ची समेत तीन महिलाओं को मोटरबोट की मदद से सुरक्षित निकाला गया। जिले में बड़ी संख्या में लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं जगदलपुर के पास डोंगा घाट में फंसे करीब 10 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया। बलरामपुर के कोटपाली-खजुरी गांव में कन्हर नदी के तेज बहाव के बीच फंसे तीन ग्रामीणों को भी देर रात सुरक्षित निकाला गया।
यह भी पढ़ें : Kanhar River Rescue : कन्हर नदी के तेज बहाव में फंसे 3 ग्रामीण, रात 12 बजे नाव से सुरक्षित निकाला
बारिश सामान्य से ज्यादा
इस मानसून सीजन में प्रदेश में बारिश सामान्य के आसपास से अधिक दर्ज की गई है। IMD के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 26 सितंबर तक बारिश का संचयी आंकड़ा दर्ज किया गया है। मानसून बारिश का आंकड़ा (Chhattisgarh Rain Alert) लगातार बदल रहा है और जिलेवार बारिश में काफी अंतर भी देखा गया है। 25 सितंबर तक राज्य की मौसमी बारिश सामान्य के करीब थी, जबकि कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक और कुछ में कम बारिश दर्ज हुई थी।
यह भी पढ़ें : Medical Dental PG Stipend : पीजी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, डेंटल छात्रों का स्टाइपेंड मेडिकल के बराबर
कमजोर हुआ मौसम सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन आगे बढ़ रहा है। इसके कमजोर होने के साथ प्रदेश में बारिश की तीव्रता और दायरा कम होने की संभावना है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत (Chhattisgarh Rain Alert) के बावजूद नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में खतरा तुरंत खत्म नहीं माना जा सकता। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलमग्न रास्तों से दूर रहने की अपील की है।
यह भी पढ़ें : Asian Games 2026 : महिला कबड्डी में भारत का दबदबा कायम, लगातार 5वीं बार मिला मेडल



