सीजी भास्कर, 13 सितंबर : छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर (Chhattisgarh Rain Update) फिलहाल कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अब अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ने के आसार हैं। हालांकि लगातार हुई बारिश का असर अब जलाशयों और नदियों में साफ दिखाई दे रहा है।
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पिछले 24 घंटे में दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की गई। धनोरा में सबसे ज्यादा 140 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बस्तर में 100 मिलीमीटर पानी बरसा। पखांजूर, नांगुर, कोंडागांव और अंतागढ़ में भी करीब 90-90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। वहीं लगातार बारिश के बाद अब मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है।
प्रदेश में मानसून के 82 दिन पूरे हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते मानसून के प्रवेश के बाद अब तक कुल 1001 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिलीमीटर से करीब 4 प्रतिशत कम है। यानी राज्य में अब तक हुई कुल बारिश औसत से बहुत ज्यादा पीछे नहीं है।
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25 जलाशयों में 90% से ज्यादा पानी
लगातार हुई बारिश का सबसे बड़ा असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में देखने को मिला है। 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इनमें 7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 जलाशयों में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी मौजूद है।
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इस तरह कुल 25 जलाशयों में जलभराव 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। बारिश की रफ्तार कम होने के बावजूद जलाशयों में पानी की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और जलाशयों में पानी की आवक पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।
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यह स्थिति जलाशयों में पानी की स्थिति (Chhattisgarh Rain Update) के लिहाज से प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि अत्यधिक भरे जलाशयों और नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
महानदी उफान पर, गंगरेल के गेट खुले
धमतरी में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। महानदी उफान पर है। शनिवार शाम 7 बजे गंगरेल बांध के 6 गेट खोलकर महानदी में करीब 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। कैचमेंट क्षेत्र से बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है।
इससे पहले 11 सितंबर की आधी रात को गंगरेल बांध के 9 गेट खोलकर करीब 53 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया था। जलाशय में पानी की आवक और जलस्तर को देखते हुए गेट खोलने और पानी छोड़ने का फैसला किया जा रहा है।
राजिम के त्रिवेणी संगम में भी जलस्तर बढ़ गया है। वहीं कोपरा एनीकट के पास एक युवक के बहने की सूचना सामने आई है। ऐसे में नदी, एनीकट और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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राजधानी में बादल-बौछार के आसार
13 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। राजधानी रायपुर में भी आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
मौसम में बदलाव (Chhattisgarh Rain Update) के बावजूद जलाशयों में पानी की स्थिति को देखते हुए नदी-नालों और बांधों के आसपास सतर्कता जरूरी है। खासकर तेज बहाव वाले क्षेत्रों में बिना जरूरत जाने से बचना चाहिए।
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आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जलाशयों में पानी की आवक पर नजर रहेगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ में जहां पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई है, वहीं अब प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
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