सीजी भास्कर, 14 सितंबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Gen Z और छात्र आंदोलनों को लेकर कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और उसे व्यक्त करने (Gen Z Movements) की आजादी है। उन्होंने कहा कि भाजपा संवाद और चर्चा के जरिए समस्याओं का समाधान करने में विश्वास रखती है, आपातकाल लगाकर शासन करना उसकी नीति नहीं है।

लोकतंत्र में संवाद जरूरी Gen Z Movements
अमित शाह ने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर लोगों की अलग-अलग राय होना लोकतंत्र में स्वाभाविक है। सरकार को नागरिकों के विचार सुनने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भी आपातकाल के जरिए शासन करने का रास्ता नहीं अपनाया जा सकता। शाह ने आपातकाल की राजनीति को कांग्रेस की संस्कृति से जोड़ते हुए भाजपा को संवाद और चर्चा में विश्वास रखने वाली पार्टी बताया।
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छात्र आंदोलनों पर भी रखी बात
Gen Z के नेतृत्व वाले आंदोलनों के प्रभाव पर सवाल के जवाब में शाह ने युवाओं और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाना और उन पर चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
भारत के बढ़ते प्रभाव का दावा
अमित शाह ने भारत की वैश्विक स्थिति को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रभाव बढ़ा है और वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राय को महत्व दिया जाता है।
उन्होंने भारतीय पासपोर्ट की प्रतिष्ठा में सुधार और प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का भी उल्लेख किया। शाह ने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़ा।
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