सीजी भास्कर, 13 सितंबर : शहरों में पक्के घर का इंतजार कर रहे गरीब परिवारों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दिया गया है। यानी अब पिछले 9 वर्षों से शहरों में रह रहे ऐसे पात्र परिवार भी योजना के दायरे में आ सकेंगे, जो पुरानी कट-ऑफ तिथि के कारण लाभ से बाहर थे। सरकार के इस फैसले से शहरी गरीबों के आवास का दायरा बढ़ा (PM Awas Yojana Urban) है।
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राज्य शासन ने सभी नगरीय निकायों को संशोधित प्रावधानों के अनुसार नए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन, सत्यापन और आवास आबंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि निकायों को 15 दिनों के भीतर पात्र परिवारों को भागीदारी में किफायती आवास का लाभ दिलाना सुनिश्चित करना होगा। सरकार का दावा है कि इससे हजारों परिवारों के पक्के मकान का सपना पूरा होने का रास्ता आसान होगा।
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9 साल बढ़ी पात्रता की सीमा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निवास की वैधता तय करने वाली पुरानी कट-ऑफ तिथि में संशोधन किया है। पहले 31 अगस्त 2015 तक शहर में निवास करने वाले पात्र परिवारों को इस आधार पर लाभ मिल सकता था, लेकिन अब यह सीमा 31 अगस्त 2024 तक कर दी गई है।
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सरकार ने यह फैसला शहरी क्षेत्रों की बढ़ती आबादी और गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए लिया है। इससे किराये के मकानों, अस्थायी बस्तियों और कमजोर आवासीय परिस्थितियों में रह रहे पात्र परिवारों के लिए पक्का घर पाने का अवसर बढ़ेगा। नई कट-ऑफ से आवास योजना में बड़ी राहत (PM Awas Yojana Urban) मिलने की उम्मीद है।
15 दिन में होगा हितग्राही चयन
संशोधित आदेश के बाद नगरीय निकायों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को नए प्रावधानों के अनुसार पात्र परिवारों का चिन्हांकन, दस्तावेजों का सत्यापन और आवास आबंटन की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी करनी होगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आवास से वंचित पात्र परिवारों को भागीदारी में किफायती आवास का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल को इसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। पात्र परिवारों तक तेजी से आवास पहुंचाने की तैयारी (PM Awas Yojana Urban) के तहत लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी भी दी गई है।
29,267 आवास बनकर तैयार
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप घटक के तहत 36 हजार 969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29 हजार 267 आवास का निर्माण पूरा हो चुका है। यह कुल स्वीकृत आवासों का करीब 79 प्रतिशत है, जबकि 7 हजार 702 आवासों का निर्माण अलग-अलग चरणों में चल रहा है।
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अब तक निर्मित और उपलब्ध आवासों में से 30 हजार 438 आवासों का आबंटन किया जा चुका है। इनमें 21 हजार 923 परिवार अपने पक्के मकानों में रहना शुरू कर चुके हैं। पक्के घरों के निर्माण और आबंटन की रफ्तार (PM Awas Yojana Urban) अब संशोधित पात्रता के बाद और बढ़ाने का लक्ष्य है।
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सरकार देगी लाखों की मदद
एएचपी घटक के तहत झुग्गी में रहने वाले शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के लिए केंद्र सरकार प्रति आवास 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार 2.50 लाख रुपये का अनुदान देती है। हितग्राही को अपने हिस्से के तौर पर 75 हजार रुपये प्रति आवास आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है।
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इसी तरह शहरों में किराये के मकानों में रहने वाले कमजोर आय वर्ग के पात्र परिवारों को अपना पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार प्रति आवास 1.50 लाख रुपये का अनुदान देती है। राज्य सरकार आवास निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराती है। ऐसे हितग्राहियों को 3.25 लाख रुपये का अपना अंशदान आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है।
हितग्राहियों की आर्थिक परेशानी कम करने के लिए नगरीय निकायों के माध्यम से ऋण मेले भी आयोजित किए जा रहे हैं। सरकारी सहायता से पक्का घर पाने का बड़ा अवसर (PM Awas Yojana Urban) अब उन परिवारों के लिए भी खुल गया है, जो 2015 की पुरानी कट-ऑफ के कारण पात्रता से बाहर हो गए थे।
गरीब परिवारों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गरीब परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है। उनके मुताबिक 31 अगस्त 2024 तक कट-ऑफ तिथि बढ़ने से शहरी क्षेत्रों के अधिक पात्र और जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकेंगे।
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि नई कट-ऑफ तिथि से एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन और योजनाबद्ध बसाहट को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार का जोर केवल मकान बनाने पर नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को सुरक्षित आवासीय वातावरण और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने पर भी है। शहरी गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान का दायरा बढ़ाने वाला फैसला (PM Awas Yojana Urban) अब जमीन पर कितना असर डालता है, यह अगले 15 दिनों में होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
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