सीजी भास्कर, 01 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना के तहत फर्जी इलाज और क्लेम की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 17 अस्पतालों में जांच शुरू (Ayushman Yojana) की है। बुधवार को 52 अधिकारियों की टीमों ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत कई जिलों के अस्पतालों में पहुंचकर मरीजों की भर्ती, इलाज और दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान कुछ अस्पतालों में ICU में भर्ती बताए गए मरीजों की फाइलें तत्काल नहीं मिलीं। अधिकारियों ने रिकॉर्ड में कई तरह की अनियमितताएं मिलने की बात कही है।

दो अस्पतालों पर कार्रवाई Ayushman Yojana
जांच के बाद मेडिलाइफ सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोटस हॉस्पिटल एंड एडवांस यूरोलॉजी सेंटर को अगले आदेश तक आयुष्मान योजना से डी-एम्पैनल किया गया है।
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विभाग को शिकायतों में मरीजों को बिना गंभीर बीमारी के भर्ती दिखाने, डमी पेशेंट के जरिए इलाज दर्शाने और फर्जी दस्तावेजों से क्लेम तैयार करने के आरोप (Ayushman Yojana) मिले थे। इन शिकायतों के आधार पर अब 100 से ज्यादा अस्पतालों में जांच की जा रही है।
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ओडिशा के स्वास्थ्य कार्ड से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की पात्रता, इलाज और क्लेम रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है।
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