हाईकोर्ट में पुलिस ने दी जांच की जानकारी : IPS Sexual Harassment Case
सीजी भास्कर, 05 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ SI की पत्नी की ओर से लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने की जानकारी पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट में दी है। मामले में जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। (IPS Sexual Harassment Case)
DGP की ओर से गृह सचिव को भेजे गए प्रस्ताव में IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
मामले में शिकायतकर्ता ने प्राथमिक जांच में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा था कि उसका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया और आरोपी अधिकारी को बचाने की कोशिश की गई। उसने निष्पक्ष जांच के लिए किसी वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी। अब हाईकोर्ट की निगरानी में मामले की आगे की कार्रवाई होने की स्थिति बनी है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की बात कही गई है।
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SI की पत्नी ने 2025 में की थी शिकायत
पुलिस विभाग में पदस्थ SI की पत्नी ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि पिछले सात वर्षों से IPS रतनलाल डांगी उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं। आरोप सामने आने के बाद उन्हें पद से हटाया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। डांगी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया है।
शिकायत (IPS Sexual Harassment Case) की प्राथमिक जांच तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और तत्कालीन DIG मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच पर आपत्ति जताई थी। इसी आधार पर उसने जांच अधिकारियों को बदलने और वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी।
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DGP ने गृह सचिव को भेजा प्रस्ताव : IPS Sexual Harassment Case
हाईकोर्ट में पुलिस विभाग ने बताया कि DGP ने जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव गृह सचिव को भेजा है। इसमें IPS दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव है। सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के बाद अब जांच की आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट की निगरानी में होने की स्थिति है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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