सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद (Delhi Anti-CEC Protest Live) पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। इन याचिकाओं में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव और SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। इसके अलावा, दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने, पुलिस कार्रवाई और मेट्रो पर लगाई गई पाबंदियों से जुड़े मामलों पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
SIR पर 13 नेताओं की याचिका
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है (Delhi Anti-CEC Protest Live)। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं की याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। इन पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी। याचिकाओं में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म-6 में किए गए बदलाव और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान इन मुद्दों पर अदालत का रुख अहम रहेगा।
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ओवैसी ने भी दी चुनौती
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनकी याचिका पर भी सुनवाई होने की संभावना जताई गई है। SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, सुनवाई से पहले यह मानना सही नहीं होगा कि अदालत ने याचिकाओं में लगाए गए आरोपों को स्वीकार कर लिया है। अंतिम स्थिति अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
जंतर-मंतर पर भी सुनवाई
दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के मामले में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इन पर भी 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है। इसके साथ ही विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और मेट्रो पर लगाई गई पाबंदियों से संबंधित मामलों पर भी अदालत विचार कर सकती है (Delhi Anti-CEC Protest Live)। इन मामलों में सुनवाई का उद्देश्य और अदालत के निर्देश आगे की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
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AAP का प्रदर्शन
इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएगी। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने का ऐलान किया है। इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे राजधानी में चर्चा के केंद्र में हैं।
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संविधान पर भरोसा
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से अधिक वोट काटे जाने का दावा किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो वैध मतदाता हैं। यह आंकड़ा तिवारी का दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस को भारत के संविधान और सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि अदालत सभी तर्कों और संवैधानिक पहलुओं पर विचार कर ऐसा निर्णय देगी, जिससे लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा हो सके। SIR से जुड़े मामलों में अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके आदेशों पर है (Delhi Anti-CEC Protest Live)। अदालत का रुख सामने आने के बाद ही याचिकाओं में उठाए गए सवालों और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



