सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल के वेस्ट जोन के चयनकर्ता पद के लिए आवेदन नहीं करने से (BCCI Chief Selector Vacancy) की चर्चा तेज हो गई है। अब बोर्ड के सामने नए नाम की तलाश करने या अंतरिम व्यवस्था को जारी रखने का विकल्प है। प्रज्ञान ओझा फिलहाल चयन समिति की अध्यक्षता कर रहे हैं, लेकिन उनके भविष्य पर भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
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पार्थिव ने नहीं किया आवेदन
पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के जाने के बाद पार्थिव पटेल को उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। हालांकि, पार्थिव ने वेस्ट जोन के चयनकर्ता पद के लिए आवेदन नहीं किया। इससे चयन समिति में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अब सवाल है कि क्या बीसीसीआई नए उम्मीदवार की तलाश करेगा या मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाएगा। (BCCI Chief Selector Vacancy) का यह मामला आगामी बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए अहम माना जा रहा है।
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प्रज्ञान ओझा संभाल रहे जिम्मेदारी
फिलहाल प्रज्ञान ओझा अंतरिम तौर पर चयन समिति की अध्यक्षता कर रहे हैं। दूसरी ओर, वीवीएस लक्ष्मण बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख हैं। ऐसे में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, बोर्ड ने नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति या मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने पर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है।
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विश्व कप से पहले फैसला
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई चाहता था कि अजीत अगरकर 2027 वनडे विश्व कप तक चीफ सेलेक्टर बने रहें, ताकि टीम चयन में निरंतरता बनी रहे। रिपोर्ट में बोर्ड से जुड़े एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि नए चयनकर्ता की सोच और योजना मौजूदा व्यवस्था से अलग हो सकती है। इसलिए नियुक्ति से पहले उनके दृष्टिकोण को समझना जरूरी होगा। इसी वजह से बोर्ड के सामने (BCCI Chief Selector Vacancy) को लेकर कई विकल्पों पर विचार करने की स्थिति है।
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चयन समिति का बजट बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल सितंबर में आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा के चयन समिति में शामिल होने के बाद चयन समितियों पर बोर्ड का खर्च तय बजट से तीन करोड़ रुपये अधिक होकर 17.45 करोड़ रुपये पहुंच गया था। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में 19.35 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीसीसीआई अनुभवी पूर्व क्रिकेटरों को चयन समिति में लाने के लिए वेतन नीति में लचीलापन दिखा रहा है। करीब 100 टेस्ट मैच खेलने वाले कुछ पूर्व क्रिकेटरों से संपर्क किए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
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शिव सुंदर दास पर भी फैसला
बीसीसीआई को चयनकर्ता शिव सुंदर दास के कार्यकाल पर भी निर्णय लेना है। दिसंबर में उनके इस पद पर चार साल पूरे हो जाएंगे। बोर्ड को तय करना होगा कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए या किसी नए चेहरे को मौका मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, दास को वनडे विश्व कप तक जिम्मेदारी पर बनाए रखने की संभावना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। पार्थिव पटेल के आवेदन नहीं करने के बाद बोर्ड को नए उम्मीदवार की तलाश और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने, दोनों विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। (BCCI Chief Selector Vacancy) पर अंतिम फैसला आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि भारतीय टीम की चयन समिति की कमान किसके हाथ में होगी।
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