सीजी भास्कर, 16 अक्टूबर : केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों (Special Session Of Parliament) को आगे बढ़ाने के लिए इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इन प्रस्तावों को दोबारा संसद में लाने की तैयारी में है। हालांकि, सत्र की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार विधेयकों को पारित कराने के लिए डीएमके और कुछ छोटे विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
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विपक्ष से समर्थन जुटाने की कोशिश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार लोकसभा में जरूरी समर्थन को लेकर आश्वस्त है। इसी के तहत विपक्षी दलों से बातचीत की जा रही है। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों (Special Session Of Parliament) पर सहमति बनाने के लिए सरकार अलग-अलग दलों के संपर्क में है। हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होगा।
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मानसून सत्र का सत्रावसान बाकी
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ था। ऐसे में विशेष बैठक बुलाने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल सरकार की ओर से विशेष सत्र का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
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अप्रैल में पास नहीं हुआ था विधेयक
इस साल 17 अप्रैल को लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया था। मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े थे। संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन नहीं मिलने के कारण विधेयक आगे नहीं बढ़ सका। इसके साथ जुड़े अन्य विधेयकों पर भी आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
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महिला आरक्षण पर फिर नजरें
सरकार की नई कोशिश (Special Session Of Parliament) का मकसद महिला आरक्षण लागू करने और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाना है। हालांकि, इन विधेयकों के भविष्य पर सरकार को संसद में जरूरी समर्थन जुटाना होगा। विशेष सत्र की तारीख, एजेंडा और विधेयकों को दोबारा पेश करने के बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
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