सीजी भास्कर, 20 अक्टूबर रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करने की दिशा में सेवा सेतु (Chhattisgarh Seva Setu) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 38 विभागों की 939 सेवाएं उपलब्ध हैं। इनके संचालन के लिए प्रदेश में 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है। अब तक ऑनलाइन प्राप्त 55 लाख 13 हजार 672 आवेदनों पर कार्यवाही जारी है। ऐसे में नागरिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस मंच के जरिए कौन-कौन सी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
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38 विभागों की 939 सेवाएं एक मंच पर
राज्य सरकार का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है। सेवा सेतु के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिकों को जरूरी कामों के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। इस व्यवस्था के संचालन में 21,582 अधिकारी-कर्मचारी ऑनबोर्ड हैं, जो सेवाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
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आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र भी
सेवा सेतु (Chhattisgarh Seva Setu Portal) के माध्यम से नागरिक आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन तथा गुमास्ता लाइसेंस सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल आवेदन व्यवस्था से खासकर ग्रामीण और दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है। जिन नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता की जरूरत होती है, वे सेवा केंद्रों के माध्यम से भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
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55 लाख से ज्यादा आवेदनों पर कार्यवाही
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सेवा सेतु पर अब तक 55,13,672 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर कार्यवाही जारी है। डिजिटल माध्यम से आवेदनों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनकी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में सहायता मिलती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करना नहीं, बल्कि सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना भी है।
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सेवा केंद्रों से भी मिलेगी मदद
प्रदेश में बनाए गए 16,773 सेवा केंद्र डिजिटल सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन केंद्रों के जरिए उन लोगों को भी आवेदन प्रक्रिया में मदद मिल सकती है, जिन्हें इंटरनेट या ऑनलाइन फॉर्म भरने की पर्याप्त जानकारी नहीं है। राज्य सरकार का लक्ष्य शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। सेवा सेतु की उपयोगिता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि आवेदनों का निराकरण कितनी समयबद्धता से होता है और लोगों को सेवाओं का लाभ कितनी आसानी से मिलता है।



