सीजी भास्कर, रायपुर, 21 अक्टूबर। राजधानी में वाहन चालकों को ट्रैफिक चालान (Raipur E-Challan) को लेकर नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन मालिकों का दावा है कि उनके मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया और न ही घर पर नोटिस मिला, लेकिन परिवहन विभाग के ऐप पर हजारों रुपये का चालान बकाया दिखाई दे रहा है। कुछ मामलों में जुर्माने की रकम 20 हजार रुपये तक होने की बात सामने आई है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए समय-समय पर अपने वाहन का चालान स्टेटस चेक करना जरूरी हो गया है।
यह भी पढ़ें : Bhilai Development : भिलाई में 150 करोड़ की 4 विकास योजनाएं प्रस्तावित, व्यावसायिक परिसर और सोलर प्लांट पर रहेगा जोर
ऐप पर चेक किया तो पता चला हजारों का बकाया
रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी बस्ती निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी कार पर 10,300 रुपये के तीन चालान लंबित दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी पहले नहीं मिली थी। परिवहन विभाग के मोबाइल ऐप पर स्टेटस चेक करने के बाद उन्हें बकाया चालान का पता चला। इसी तरह न्यू राजेंद्र नगर के विवेक डागा ने बताया कि उनकी कार पर 4,900 रुपये के पांच चालान लंबित दिख रहे हैं। उन्हें भी इसकी जानकारी ऐप पर जांच करने के बाद हुई। इन मामलों ने बिना सूचना ई-चालान (Pending E-Challan) की जानकारी वाहन मालिकों तक पहुंचने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
यह भी पढ़ें : JD Steel Plant Accident : पिघला मेटल छलकने से मजदूर की मौत, प्लांट संचालक और ठेकेदार पर FIR
आठ महीने में 8.94 करोड़ रुपये के समन शुल्क जारी
रिपोर्ट में आरटीआई से मिली जानकारी के हवाले से बताया गया है कि जनवरी से अगस्त 2026 के बीच रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में ई-चालान कार्रवाई के तहत कुल 8 करोड़ 94 लाख 32 हजार 350 रुपये के समन शुल्क जारी किए गए।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Hockey League 2026 : छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आज आगाज, 6 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी; दर्शकों को फ्री एंट्री
महीनेवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- जनवरी: 1,08,41,200 रुपये
- फरवरी: 95,36,900 रुपये
- मार्च: 1,93,94,500 रुपये
- अप्रैल: 1,52,00,500 रुपये
- मई: 1,75,42,050 रुपये
- जून: 44,47,600 रुपये
- जुलाई: 63,77,700 रुपये
- अगस्त: 60,91,900 रुपये
इन आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में सबसे ज्यादा 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 500 रुपये के समन शुल्क जारी किए गए।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Weather Forecast : छत्तीसगढ़ में 5 दिन तक साफ रहेगा मौसम, 2 दिन बाद गिरेगा रात का तापमान; बढ़ेगी हल्की ठंड
ई-चालान की सूचना नहीं मिलने की क्या हो सकती है वजह
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर के मुताबिक, कई बार मोबाइल नंबर या मकान का पता बदलने के कारण वाहन मालिकों तक चालान की सूचना नहीं पहुंच पाती। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि चालान की पुष्टि के लिए नजदीकी ट्रैफिक थाने से संपर्क करें। वहीं, ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि ई-चालान व्यवस्था में उल्लंघन दर्ज करने के साथ वाहन मालिकों तक समय पर सूचना पहुंचना भी जरूरी है, ताकि वे समय रहते कार्रवाई कर सकें।
यह भी पढ़ें : Bastar Ration Card e-KYC : राशनकार्ड में आपका भी नाम तो नहीं कटने वाला? 30 अक्टूबर तक कर लें ये जरूरी काम
चालान के नियमों को भी जान लें
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 167 के तहत ई-चालान जारी करने और उसके निपटारे की प्रक्रिया निर्धारित है। चालान की स्थिति के आधार पर मामला वर्चुअल कोर्ट या संबंधित न्यायालय में भी भेजा जा सकता है। लंबित चालान का वाहन पंजीकरण या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कुछ कार्यों पर असर पड़ सकता है, जो लागू नियमों और मामले की स्थिति पर निर्भर करता है।
वाहन मालिक अपने चालान की जानकारी आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर भी जांच सकते हैं। केवल मैसेज का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर वाहन नंबर के आधार पर बकाया स्थिति की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। आधिकारिक पोर्टल: https://echallan.parivahan.gov.in/



