सीजी भास्कर, जगदलपुर, 22 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बस्तर दशहरा ( Bastar Dussehra Accident ) में बुधवार देर रात भीतर रैनी की रस्म के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ को खींचते समय दो ग्रामीण उसके पहिए की चपेट में आ गए। हादसे में एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे का पैर कुचल गया। घायल को अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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रथ खींचते समय हुआ हादसा
बस्तर दशहरा की भीतर रैनी रस्म के तहत बुधवार देर रात रथ को प्रतीकात्मक रूप से चुराकर ले जाने की परंपरा निभाई जा रही थी। इसके लिए किलेपाल परगना के 32 गांवों से आए 2 हजार से अधिक ग्रामीण राजमहल परिसर में एकत्र हुए थे। पूजन के बाद ग्रामीण आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ को खींचते हुए कुम्हड़ाकोट के जंगलों की ओर ले जा रहे थे। जैसे ही रथ सिरहासार भवन के पास पहुंचा, भीड़ के बीच संतुलन बिगड़ गया और दो ग्रामीण पहिए की चपेट में आ गए। भारी पहिए की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया।
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हादसे के बाद ग्रामीणों का हंगामा
हादसे के बाद घटनास्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने सुरक्षा और रोशनी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर हालात को नियंत्रित किया। हादसे के बाद उत्सव के दौरान रथ संचालन और भीड़ की सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
रथ के आगे पीछे सुरक्षा बढ़ी
हादसे के बाद जगदलपुर प्रशासन ने रथ की परिक्रमा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, रथ के आगे और पीछे 15-15 मीटर का क्षेत्र खाली रखा जाएगा। इस दायरे में पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की मानव श्रृंखला बनाई जाएगी, ताकि लोग रथ के बेहद करीब न पहुंचें। बस्तर दशहरा की पारंपरिक रस्मों के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होते हैं। ऐसे में रथ के आसपास सुरक्षित दूरी बनाए रखना और भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
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