सीजी भास्कर, 22 अक्टूबर। बिलासपुर में दुर्गोत्सव के समापन पर निकलीं भव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शिव-सती के 51 स्वरूप, भगवान शिव की बारात और खाटू श्याम के दरबार सहित कई आकर्षक झांकियां देखने हजारों (Bilaspur Durga Visarjan) लोग पहुंचे। बुधवार शाम शुरू हुआ विसर्जन गुरुवार सुबह 7 बजे तक चलता रहा।

शिव-सती के 51 स्वरूप बने आकर्षण Bilaspur Durga Visarjan
बिलासपुर में करीब 48 साल से दुर्गा विसर्जन के दौरान झांकियां निकालने की परंपरा निभाई जा रही है। इस बार मध्य नगरी दुर्गोत्सव समिति ने अपने 50वें वर्ष पर शिव-सती के 51 स्वरूपों की विशेष झांकी प्रस्तुत की। इसके अलावा भगवान जगन्नाथ, लड्डू गोपाल, संजीवनी बूटी ले जाते हनुमान और मां गंगा के उद्गम को दर्शाती झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
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5 किलोमीटर तक रही भीड़, कई जगह जाम
झांकियां देवकीनंदन चौक, सिम्स चौक और हटरी चौक से होते हुए पचरीघाट (Bilaspur Durga Visarjan) पहुंचीं। छठघाट पर भी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। देवकीनंदन चौक से गांधी चौक, पुराने बस स्टैंड, तेलीपारा और सदरबाजार तक भारी भीड़ रही। कई जगह यातायात प्रभावित हुआ।
बंगाली समाज ने निभाई सिंदूर खेला की परंपरा
विजयादशमी पर बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला (Bilaspur Durga Visarjan) में हिस्सा लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। दुर्गा विसर्जन में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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