सीजी भास्कर, रायपुर, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में किसानों ने खेती का तरीका बदलकर कमाई बढ़ाने की मिसाल पेश की है। भाटापारा विकासखंड के ग्राम ढाबाडीह में किसानों ने उन्नत बीज उत्पादन (Chhattisgarh Seed Production Farming) अपनाया, जिससे उनकी प्रति एकड़ आय में करीब 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अनुबंध आधारित खेती और आधुनिक तकनीकों की मदद से किसानों को अब बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिल रही है।
ग्राम ढाबाडीह के किसान रूपेन्द्र साहू, उमा साहू, राजाराम एक्का और प्रमिला साहू पहले पारंपरिक तरीके से धान और सब्जियों की खेती करते थे। मौसम की मार और बाजार में फसलों के भाव बदलने से उनकी आमदनी प्रभावित होती थी। इस समस्या का समाधान तलाशते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग, भाटापारा के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग के मार्गदर्शन में किसानों ने एक प्रमुख बीज कंपनी के साथ अनुबंध किया और सामूहिक रूप से 25 एकड़ में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन शुरू किया।
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अनुबंध से कम हुआ जोखिम
बीज कंपनी के साथ अनुबंध होने से किसानों को फसल का दाम पहले से तय होने का लाभ मिला। इससे बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हुआ। आधुनिक कृषि तकनीकों और सामूहिक खेती के कारण मजदूरी पर होने वाला खर्च भी घटा। किसानों के लिए बीज उत्पादन (Chhattisgarh Seed Production Farming) आमदनी बढ़ाने का बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है।
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प्रति एकड़ 1.75 लाख की बचत
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसान पहले 8 हेक्टेयर में सब्जियां और 2 हेक्टेयर में धान की खेती करते थे। उस समय प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता था। अब 9 हेक्टेयर में सब्जी और बीज उत्पादन से प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये की बचत हो रही है। इस तरह प्रति एकड़ बचत में करीब 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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सोलर ड्रायर से मिलेगी राहत
उद्यानिकी विभाग ने किसानों को दो क्रॉप सोलर ड्रायर उपलब्ध कराए हैं। इनकी मदद से बारिश के मौसम में बीज सुखाने में सहूलियत मिलेगी। इससे मौसम के कारण बीज सुखाने में आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। बीज उत्पादन (Chhattisgarh Seed Production Farming) की प्रक्रिया में यह सुविधा किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
दूसरे किसान भी हो रहे प्रेरित
ढाबाडीह के किसानों की सफलता से आसपास के ग्रामीण और अन्य किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। वे अब पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक बीज उत्पादन और अनुबंध आधारित कृषि अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। किसानों की यह पहल क्षेत्र में खेती के नए विकल्पों को बढ़ावा दे रही है और आमदनी बढ़ाने की दिशा में प्रेरणा दे रही है।
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