सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। दिवाली से पहले दिल्ली एनसीआर में पटाखों को लेकर बहस (Firecracker Ban) तेज हो गई है। बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाने पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय नियमों के पालन और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया है।

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आदेश के पालन पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा कि हर साल पटाखों को लेकर प्रतिबंध और दिशा निर्देश जारी होते हैं, लेकिन जमीन पर उनका पालन नहीं होने से समस्या बनी रहती है।
सिर्फ प्रतिबंध से नहीं निकलेगा समाधान
अदालत के मुताबिक, प्रदूषण रोकने के लिए केवल पटाखों पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ सरकार और प्रशासन को भी नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा।
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कोर्ट ने त्योहार और धार्मिक भावनाओं को भी ध्यान में रखने की बात कही। अब निगाहें प्रशासन के कदमों पर हैं कि दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किस तरह की व्यवस्था की जाती है।
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