सीजी भास्कर, अंबिकापुर, 31अक्टूबर। सरगुजा जिले में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। कृषि मौसम विज्ञान इकाई (एएमएफयू), अंबिकापुर ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान प्रतिदिन 10 से 15 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है। अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए मौसम अलर्ट (Surguja Weather Alert) जारी किया गया है।
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तीन दिन आकाशीय बिजली
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 31 अक्टूबर, 1 नवंबर और 3 नवंबर को गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, 3 नवंबर को तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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कटी धान की फसल सुरक्षित स्थान पर रखें
संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को कटी हुई धान की फसल और अन्य कृषि उपज खुले खेतों में नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है। फसल को तत्काल सुरक्षित, सूखे और ढके हुए स्थान पर रखें। उपज को जलरोधी तिरपाल से ढकें और भंडारण स्थल पर बारिश का पानी प्रवेश न करने दें। वर्षा के दौरान कटाई, मड़ाई और अनाज सुखाने का काम टालें।
तेज हवाओं और बारिश से खेतों में खड़ी, विशेषकर पककर तैयार धान की फसल गिर सकती है। किसानों को मौसम अनुकूल होने पर परिपक्व फसल की कटाई जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नालियां बनाएं, ताकि जलभराव से नुकसान न हो।
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सब्जियों और दलहनी फसलों में रोग का खतरा
लगातार नमी रहने से सब्जियों, दलहनी और तिलहनी फसलों में फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह से पौध संरक्षण उपाय अपनाने को कहा गया है।
बागवानी फसलों में भी तेज हवाओं और गरज-चमक से फूलों एवं फलों के झड़ने और कोमल शाखाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पशुओं को सूखे, सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर रखने तथा उनके लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
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बिजली चमकने पर खुले खेतों में न करें काम
कृषि मौसम विज्ञान इकाई ने किसानों से अपील की है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान खुले खेतों में काम न करें। ऐसी स्थिति में कृषि कार्य रोककर किसी सुरक्षित पक्के भवन के भीतर चले जाएं। अकेले पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले शेड के नीचे आश्रय लेने से बचें। मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कृषि कार्यों की योजना बनाएं। सावधानी बरतने से बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों तथा कृषि उपज को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। किसानों को जारी मौसम संबंधी चेतावनी (Surguja Weather Alert) का पालन करने की सलाह दी गई है।



