सीजी भास्कर, रायपुर, 3 नवंबर 2026। देश में जनगणना (Digital Census 2027) की तैयारी तेज हो गई है। इस बार नागरिकों को अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कराने के लिए केवल प्रगणकों का इंतजार नहीं करना होगा। पहली बार स्व-गणना की सुविधा के तहत लोग स्मार्टफोन या वेब पोर्टल के जरिए घर बैठे परिवार का विवरण खुद दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित पर्यवेक्षक दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस नई व्यवस्था को लेकर रायपुर में अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है।
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डिजिटल तरीके से होगी गणना
जनगणना 2027 में आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। प्रगणक स्मार्टफोन में विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। वहीं, नागरिकों को भी स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। इससे लोग खुद अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन भर सकेंगे। बाद में पर्यवेक्षकों द्वारा जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
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रायपुर में चार दिवसीय प्रशिक्षण
जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण के निदेशक कार्तिकेय गोयल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। चार दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दो दिन ग्रामीण चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अगले दो दिन शहरी चार्ज अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
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क्या जानकारी होगी दर्ज
जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना में प्रगणक प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक जानकारियां जुटाएंगे। इसके साथ ही प्रवासन और प्रजनन से जुड़े पहलुओं को भी आंकड़ों में शामिल किया जाएगा। डिजिटल जनगणना (Digital Census 2027) में स्व-गणना के विकल्प से नागरिकों को अपनी जानकारी खुद दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, स्व-गणना के लिए पोर्टल का लिंक, प्रक्रिया और निर्धारित समय-सीमा की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही नागरिकों को उसके अनुसार विवरण भरना होगा।
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विकास योजनाओं में आएंगे काम
जनगणना से मिलने वाले आंकड़े केवल देश की आबादी जानने तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके आधार पर भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विकास योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। इसलिए जनगणना में जुटाई जाने वाली जानकारी को सही और व्यवस्थित तरीके से दर्ज करना बेहद महत्वपूर्ण होगा।



