सीजी भास्कर, 5 नवंबर। त्योहारी सीजन में मिलावट और अस्वच्छता के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बिलासपुर में कार्रवाई (Food Safety) की है। बुधवार को विभाग की संयुक्त टीम ने कई खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी के बीच बिना पंजीयन बताशे बनाने और मिठाई में अखाद्य रंग के इस्तेमाल का मामला सामने आया। टीम ने कुल 132 किलो मिठाई नष्ट कराई।

गंदगी में बन रहे थे बताशे, यूनिट बंद Food Safety
चांटीडीह के मेला पारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल पर जांच के दौरान अस्वच्छ वातावरण में मिठाई बनाई जा रही थी। निर्माण इकाई का आवश्यक पंजीयन भी नहीं मिला।
कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट कराए और यूनिट को तत्काल बंद करा दिया।
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बूंदी में मिला अखाद्य रंग, 22 किलो नष्ट
चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई प्रतिष्ठान के किचन की जांच में बूंदी बनाने के लिए नॉन फूड ग्रेड यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल (Food Safety) पाया गया। टीम ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी।
सैंपल जांच के लिए भेजे गए
कार्रवाई के दौरान चिंगराजपारा की एक अन्य बताशा निर्माण फर्म का भी निरीक्षण किया गया, जहां निर्माण कार्य बंद मिला। वहीं, संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभियान में विभाग के अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety) शामिल रहे।
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