सीजी भास्कर, नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Iran Eases Hormuz Restrictions) से गुजरने वाले भारत समेत चार देशों के जहाजों को प्रतिबंधों से छूट देने का ऐलान किया है। अब भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी। इससे भारत के तेल और गैस आयात के साथ ईरान के साथ व्यापार को भी राहत मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात-मोगद्दम ने मंगलवार को दी। उनके मुताबिक, इन चार देशों के जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं और अमेरिकी सेना भी उन्हें नहीं रोक रही है।
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भारत को क्यों मिली छूट
ईरानी सांसद के अनुसार, भारत को यह राहत इसलिए दी गई है, ताकि ईरान भारत से जरूरी दवाओं का आयात कर सके। वहीं, चीन के जहाजों को छूट देने के पीछे बीजिंग से राजनीतिक समर्थन हासिल करना एक वजह बताई गई है। हयात-मोगद्दम ने बताया कि भारत और चीन के जहाजों से पारगमन शुल्क लिया जाता है, जबकि कतर के जहाजों को बिना शुल्क गुजरने की अनुमति है। इराक के जहाजों से शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इस बारे में उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
भारत के लिए कितना अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज के रास्ते आता है। ऐसे में भारतीय जहाजों को प्रतिबंधों से छूट मिलने पर ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी मुश्किलें कम हो सकती हैं।
तेल-गैस सप्लाई को राहत
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही आसान होने पर भारत के लिए कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति सुचारु रखने में मदद मिल सकती है। इससे आयात और परिवहन से जुड़ी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तुरंत घटेंगी या भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा, इसकी गारंटी नहीं है। कीमतों पर वैश्विक मांग, आपूर्ति, युद्ध की स्थिति और अन्य आर्थिक कारकों का भी असर पड़ता है।
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व्यापारिक रिश्तों को भी फायदा
भारत और ईरान के बीच दवाओं सहित अन्य वस्तुओं का व्यापार होता है। ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को रास्ते में छूट देने की वजह भी दवाओं का आयात बताया गया है। इससे दोनों देशों के बीच समुद्री व्यापार को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर लगातार दबाव बना हुआ है।
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