सीजी भास्कर, बालोद, 6 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों को रासायनिक खाद (Chhattisgarh Fertilizer Token System) उपलब्ध कराने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब किसान घर बैठे मोबाइल एप के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद मोबाइल पर टोकन जारी होगा और इसी के आधार पर संबंधित बिक्री केंद्र से खाद मिलेगी। नई व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलने और खाद वितरण में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
बालोद जिले में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुर विकासखंड के तीन किसानों को क्यूआर कोड के माध्यम से एक-एक बोरी यूरिया का वितरण कर इसकी शुरुआत भी की गई है। इनमें ग्राम रजोली के रिसन चंद्राकर, ग्राम परसदा के उदयमन लाल साहू और ग्राम भरदाकला के प्रहलाद निषाद शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : Asus Zenbook : 33 घंटे की बैटरी वाला नया लैपटॉप लॉन्च, कीमत 1.36 लाख रुपये से शुरू
एप से करें खाद बुकिंग
कृषि विभाग के अनुसार, किसानों को गूगल प्ले स्टोर से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। एप पर पंजीयन करने के बाद अपनी जरूरत के मुताबिक खाद की बुकिंग की जा सकेगी। बुकिंग पूरी होने पर मोबाइल पर टोकन जारी होगा। किसान संबंधित उर्वरक बिक्री केंद्र में टोकन दिखाकर खाद प्राप्त कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें : Highest Railway Station : चीन का रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में भारत, बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन?
स्मार्टफोन नहीं तो सीएससी जाएं
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे परिवार के किसी सदस्य के मोबाइल में एप इंस्टॉल कराकर बुकिंग कर सकते हैं। वहीं, डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाने वाले किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से टोकन या क्यूआर कोड प्राप्त कर खाद खरीद सकेंगे।
यह भी पढ़ें : Tata Iveco Deal : मेलोनी से मिले टाटा चेयरमैन, इवेको के साथ 36 हजार करोड़ की बड़ी डील
विक्रेताओं को दिया प्रशिक्षण
नई व्यवस्था के संचालन के लिए मास्टर ट्रेनर्स ने सहकारी समिति के प्रबंधकों और खाद विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया है। कृषि विभाग का मैदानी अमला भी गांवों में पहुंचकर किसानों को एप डाउनलोड करने, पंजीयन और बुकिंग की प्रक्रिया समझा रहा है।
यह भी पढ़ें : US Midterm Elections : अमेरिका के चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटका, एलन मस्क की सियासी रणनीति भी नाकाम
परेशानी होने पर यहां करें संपर्क
खाद की बुकिंग या मोबाइल एप चलाने में परेशानी होने पर किसान अपने क्षेत्र के कृषि विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सहायता ले सकते हैं। विभाग का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से खाद वितरण अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगा। इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद लेने में सुविधा मिलेगी।
यह भी पढ़ें : Food Adulteration : बिलासपुर में मिलावट पर खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 132 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी नष्ट



