सीजी भास्कर, 27 जून : छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र (Abujhmad Land Encroachment) में नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और जंगलों की कटाई की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राजस्व सर्वे अधूरा होने के कारण भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिसका फायदा उठाकर कुछ स्थानों पर अतिक्रमण और अवैध कटाई के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर निगरानी और कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है।
अधूरे सर्वे का फायदा उठाकर बढ़ रहे कब्जे के प्रयास
प्रशासन के अनुसार, अबूझमाड़ का राजस्व सर्वे अभी पूर्ण नहीं हुआ है। ऐसे में कई स्थानों पर यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सी जमीन राजस्व विभाग की है और कौन-सी वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। अधिकारियों का कहना है कि इसी स्थिति का लाभ उठाकर कुछ लोग सरकारी भूमि पर कब्जा करने और जंगलों की अवैध कटाई करने का प्रयास कर रहे हैं।
संयुक्त टीम में स्थानीय सरपंचों को भी शामिल किया गया है। साथ ही अधिकारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को वन संरक्षण, सरकारी भूमि और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन तकनीक से तेजी से पूरा हो सकता है सर्वे
विशेषज्ञों का मानना है कि डीजीपीएस (DGPS) आधारित ड्रोन सर्वे तकनीक से अबूझमाड़ का सीमांकन पारंपरिक तरीकों की तुलना में कहीं अधिक तेज और सटीक तरीके से किया जा सकता है। अनुमान है कि पांच ड्रोन की सहायता से प्रतिदिन लगभग 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे किया जा सकता है। इस गति से करीब 4,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सीमांकन लगभग दो महीने में पूरा किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि राज्य में इस तकनीक का सफल उपयोग पहले उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सर्वेक्षण में भी किया जा चुका है।
सर्वे पूरा होने तक बनी रहेगी चुनौती
प्रशासन के अनुसार अब तक 27 गांवों और 6 माजराटोलों का सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष क्षेत्रों का सर्वेक्षण जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र का सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड तैयार नहीं हो जाता, तब तक अवैध कटाई, अतिक्रमण और वन भूमि के दुरुपयोग पर पूरी तरह प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
प्रशासन का मानना है कि राजस्व और वन भूमि की स्पष्ट सीमा तय होने के बाद संबंधित विभागों के लिए कानूनी कार्रवाई करना अधिक प्रभावी और आसान होगा।



