सीजी भास्कर, 27 जून : छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ के पहले (Chhattisgarh Sports Science Center) की स्थापना बिलासपुर के बहतराई स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र में की जाएगी। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। इस केंद्र में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खिलाड़ियों की प्रतिभा का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आठ अत्याधुनिक विभागों से मिलेगा प्रशिक्षण
बिलासपुर में बनने वाला प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दक्षता और जैविक विशेषताओं का वैज्ञानिक परीक्षण करेगा। परीक्षण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि खिलाड़ी किस खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इससे शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभाओं की सही पहचान होगी और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। राज्य सरकार भविष्य में सभी संभागों में ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है।
सेंटर में खेल एंथ्रोपोमेट्री, बायोमैकेनिक्स, व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान, फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन, खेल पोषण, खेल मनोविज्ञान, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग तथा डेटा एनालिटिक्स एवं आईटी सहित आठ विशेष विभाग स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए हाई-स्पीड कैमरे, मोशन एनालिसिस सिस्टम, आधुनिक जिम, रिकवरी उपकरण, डाइट लैब और वीडियो एनालिसिस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
खिलाड़ियों की प्रतिभा की होगी वैज्ञानिक पहचान
प्रदेश में पहली बार खेल विज्ञान आधारित यह केंद्र खिलाड़ियों के प्रदर्शन का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उनकी कमजोरियों को दूर करने और क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार होने वाले व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रम खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेंगे। इससे प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही पेशेवर मार्गदर्शन और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए देशभर में खेल विज्ञान के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी समेत अन्य खेलों में संभावनाओं को देखते हुए इस सेंटर की स्थापना की जा रही है। खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से खिलाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण, फिटनेस मूल्यांकन और खेल चयन में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी संभागों में भी ऐसे स्पोर्ट्स साइंस सेंटर विकसित किए जाएंगे।



