सीजी भास्कर, सरगुजा, 6 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर और लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ गांवों में चंगाई सभा (Chhattisgarh Religious Conversion Case) की आड़ में मतांतरण कराए जाने का आरोप सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कुछ लोगों पर भय और प्रलोभन देकर ग्रामीणों का मतांतरण कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की अनुशंसा करने की भी मांग उठाई है।
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एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
विहिप प्रखंड अध्यक्ष हरिओम सोनी के नेतृत्व में संगठन के सदस्यों ने एसडीएम और उदयपुर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें ग्राम सायर और बड़ेगांव केदमा के कुछ लोगों पर लंबे समय से चंगाई प्रार्थना सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को मतांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है। विहिप का दावा है कि इन गतिविधियों के जरिए संरक्षित जनजाति परिवारों के लोगों को भय और प्रलोभन देकर मतांतरित किया जा रहा है। संगठन ने इसे छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 का उल्लंघन बताया है। साथ ही आरोप लगाया है कि ग्रामीणों को उनकी सभ्यता और संस्कृति से अलग करने की कोशिश की जा रही है।
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पहले भी शिकायत का दावा
विहिप पदाधिकारियों का कहना है कि इससे पहले भी संबंधित लोगों के विरुद्ध लिखित शिकायत की गई थी। उस समय उन्हें पकड़े जाने के बाद थाने से समझाइश देकर छोड़ दिया गया था। संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद उनकी गतिविधियों में बदलाव नहीं आया। विहिप के मुताबिक, हाल ही में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर मतांतरण कराने वालों से संपर्क कर उन्हें समझाने की कोशिश की थी। इस दौरान संबंधित लोगों ने अपनी गतिविधियों को अपने मत की अच्छाइयों का प्रचार बताते हुए इसे संवैधानिक अधिकार कहा। उनका कथित तौर पर कहना था कि यदि कोई व्यक्ति उनकी बात सुनकर अपना मत बदलता है तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
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केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग
विहिप ने ज्ञापन में मांग की है कि मामले में कानूनी कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया जाए। संगठन ने मतांतरण की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया स्पष्ट करने और मतांतरित हो चुके लोगों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित करने की मांग भी रखी है। इसके अलावा संगठन ने मतांतरण के कथित सुनियोजित षड्यंत्र की आशंका जताते हुए केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की अनुशंसा करने की मांग की है। विहिप का कहना है कि क्षेत्र में जिस तरह से ये गतिविधियां संचालित होने का आरोप है, उसकी व्यापक जांच जरूरी है।
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पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विहिप की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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