सीजी भास्कर, 28 अगस्त |
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) से जुड़े निजी अस्पतालों के बकाया दावों के निपटान की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की राशि में से 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके बाद से प्राइवेट अस्पतालों को लंबे समय से अटके भुगतान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
1000 अस्पतालों के दावे लंबित
राज्य के करीब 1000 निजी अस्पतालों का लगभग 900 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। इन अस्पतालों ने चेतावनी दी थी कि यदि 31 अगस्त तक राशि नहीं दी गई तो वे आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को बंद कर देंगे। इससे मरीजों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी।
स्वास्थ्य विभाग की सफाई
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि वित्त विभाग से विमुक्ति आदेश जारी होने के बाद से अस्पतालों को भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अस्पताल प्रबंधन को राहत मिलेगी और आम नागरिकों को बिना बाधा स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी।
मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आश्वासन दिया कि सरकार नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा—
“अस्पताल संचालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही शेष बकाया राशि भी दे दी जाएगी। मरीजों को किसी भी स्थिति में परेशानी नहीं होनी चाहिए।”





