सीजी भास्कर, 4 सितंबर। अब किसानों और भूमिस्वामियों के लिए अपनी निजी भूमि पर उगे वृक्षों की कटाई और उपयोग आसान हो गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर की अधिसूचना (11 फरवरी 2022) के तहत इसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
ऐसे मिलेगी अनुमति
भूमि स्वामी को सबसे पहले अपने वृक्षों का पंजीयन निर्धारित प्रारूप में तहसीलदार और संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के पास जमा करना होगा। इसके बाद वृक्ष कटाई की अनुमति हेतु आवेदन एसडीएम को करना होगा।
प्राकृतिक रूप से उगे वृक्षों के लिए: एक वर्ष में प्रति खाते पर अधिकतम 4 वृक्ष प्रति एकड़(CG Farmers Tree Cutting Rules) और कुल 10 वृक्ष तक काटने की अनुमति होगी। रोपित वृक्षों के लिए: एसडीएम को 30 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा।
वन विभाग को कर सकेंगे विक्रय
यदि भूमिस्वामी स्वयं कटाई नहीं करना चाहता है तो वह वन विभाग को विक्रय का आवेदन दे सकता है। वन विभाग वृक्षों की नीलामी कर मूल्य का भुगतान करेगा। अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों(CG Farmers Tree Cutting Rules) को 95% और अन्य वर्ग के किसानों को 90% राशि (कटाई खर्च घटाकर) सीधे खाते में दी जाएगी।
किन वृक्षों पर विशेष प्रावधान
साल, सागौन, शीशम, बीजा और खैर जैसे इमारती वृक्षों का विक्रय केवल वन विभाग के माध्यम से ही किया जाएगा। वहीं, तालाब, झरने, कब्रिस्तान, गोठान, श्मशान, बाजार या पवित्र स्थान से 20 मीटर के दायरे में स्थित वृक्षों को काटने की अनुमति नहीं होगी।
ग्राम सभा की अनुमति भी जरूरी
कुछ प्रजातियों जैसे छिंद, ताड़, पाम, हर्रा, नीम और कदम (यदि सूखे हों) को ग्राम सभा के संकल्प और ग्राम पंचायत की लिखित अनुशंसा से ही काटा जा सकेगा।




