सीजी भास्कर, 13 सितम्बर रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मेडिकल कॉलेजों में Medical College Recruitment Chhattisgarh से जुड़ा बड़ा फैसला आया है। हाईकोर्ट ने शासन की उस अधिसूचना को खारिज कर दिया है, जिसमें प्रोफेसर पदों को एकमुश्त छूट देकर सीधी भर्ती से भरने की बात कही गई थी। अब प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर केवल प्रमोशन (Promotion) से ही नियुक्त होंगे।
हाईकोर्ट ने किया अधिसूचना रद्द
Medical College Recruitment Chhattisgarh राज्य सरकार ने 10 दिसंबर 2021 को अधिसूचना जारी कर प्रोफेसर पदों पर डायरेक्ट भर्ती (Direct Recruitment) की अनुमति दी थी। इसे एसोसिएट प्रोफेसरों ने चुनौती दी। उनकी दलील थी कि वर्ष 2013 की भर्ती नियमावली में साफ लिखा है कि प्रोफेसर पद पर भर्ती केवल पदोन्नति (Promotion) से होगी।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद कहा कि मूलभूत नियमों को किसी भी अधिसूचना से बदला नहीं जा सकता। इसलिए शासन का आदेश संवैधानिक रूप से टिकाऊ नहीं है।
सरकार की दलील और कोर्ट का जवाब
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खुलने और सीटें बढ़ने से बड़ी संख्या में प्रोफेसरों की जरूरत है। यदि भर्ती तुरंत नहीं हुई तो मेडिकल शिक्षा (Medical Education) पर संकट आ सकता है और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मान्यता पर भी असर पड़ेगा।
लेकिन कोर्ट ने यह तर्क खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन का अवसर मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। इसे किसी भी स्थिति में प्रत्यक्ष भर्ती (Direct Recruitment) से प्रभावित नहीं किया जा सकता।
अब प्रमोशन से ही भरेंगे प्रोफेसर के पद
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों (Medical College Recruitment Chhattisgarh) में प्रोफेसर के पद प्रमोशन से ही भरे जाएंगे। प्रदेश में इस समय 242 प्रोफेसरों और 396 एसोसिएट प्रोफेसरों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन योग्य प्रोफेसरों की संख्या कम है। बावजूद इसके, हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि नियमों के खिलाफ कोई भी सीधी भर्ती संभव नहीं होगी।





