सीजी भास्कर, 17 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित सड्डू के प्रयास आवासीय विद्यालय में आदि सेवा पखवाड़ा (Scholarship Assistance) का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय गांवों के जमीनी बदलाव की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके शतायु एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत, विधायक मोतीलाल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनजातीय गांवों का ट्राइबल विजन डाक्यूमेंट 2030 (Scholarship Assistance) तैयार किया जाएगा, जो दीर्घकालीन विकास का रोडमैप बनेगा। आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभाओं में इसका अनुमोदन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के धार से इस अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य जनजातीय गांवों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है और ऐसे वालंटियर चिन्हांकित किए जाएंगे जो गांव की बेहतरी के लिए विजन रखें और उसे जमीनी स्तर पर लागू कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में 20 लाख वालंटियर तैयार करने का लक्ष्य है, जिनमें से छत्तीसगढ़ के 6,650 गांवों में 1,33,000 वालंटियर तैयार किए जाएंगे और इन्हें सेवा व प्रशिक्षण के माध्यम से टुंडा किया जाएगा ताकि अभियान के कार्य धरातल पर सफल हों (Scholarship Assistance)। सरकार ने आदि सेवा केंद्रों की स्थापना भी की है, जहां ग्रामीण शासन की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे और अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जनजातीय विरासत गौरवशाली रही है और नवा रायपुर में जनजातीय नायकों की स्मृतियों को सहेजने के लिए म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। ट्राइबल म्यूजियम में छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की गई है और यह सांस्कृतिक संवर्धन (Scholarship Assistance) का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान के अनुरूप बजट का उपयोग तेजी से किया जा रहा है।
आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम है और इससे देश के 11 करोड़ से अधिक आदिवासियों के विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में तेजी आएगी तथा स्थानीय नेतृत्व को समर्थन मिलेगा (Scholarship Assistance)। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अभियान से जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश के 6,650 गांवों में 1,33,000 आदि साथी व आदि सहयोगी तैयार किए जा रहे हैं। ये सहयोगी आदिवासी परिवारों से उनकी भाषा में संवाद कर उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को समझेंगे और विकास की दिशा तय करने में सहभागी बनेंगे। आगामी राज्योत्सव तक 50,000 आदि कर्मयोगी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और साथ ही शिष्यवृत्ति प्रदाय की समय-सीमा (Scholarship Assistance) तय कर दी गई है ताकि विद्यार्थियों को राशि समय पर उनके खातों में प्राप्त हो सके।
शिष्यवृत्ति और भोजन सहायता के तहत 6.2 करोड़ की राशि अंतरित होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा जिससे पारदर्शिता बनी रहे (Scholarship Assistance) और लाभ का सीधा लाभ विद्यार्थी तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आदि सेवा पखवाड़ा के शुभारम्भ अवसर पर आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास तथा पिछड़ा वर्ग विभाग की योजनाओं के तहत राज्य के आश्रम-छात्रावासों में निवासरत 8,370 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं भोजन सहायता योजना (Scholarship Assistance) की राशि 6,02,19,270 रुपये का ऑनलाइन अंतरण उनके खातों में किया। इस माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई में नियमित सहायता सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने प्रयास आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” के अंतर्गत जामुन का पौधा रोपा और विद्यार्थियों की पेंटिंग व रंगोली का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई, जिसके प्रति मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की और यह आयोजन शिक्षा व संवेदना (Scholarship Assistance) दोनों का उत्सव बना।
मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के छात्र किशन बैगा और छात्रा अंजुला बैगा के साथ भोजन कर उनसे आत्मीय वार्ता की और उनकी पढ़ाई के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रवृत्ति (Scholarship Assistance) मिलने से उन्हें शिक्षा जारी रखने में मदद मिल रही है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों को आशीर्वाद दिया और अध्ययन के प्रति लगन बनाए रखने की प्रेरणा दी।



