सीजी भास्कर, 23 सितंबर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि भूमि (Chhattisgarh Land Law) की रजिस्ट्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में पांच डिसमिल यानी लगभग 2200 वर्गफीट से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में विधानसभा सत्र में जुलाई 2025 में पारित विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है और अब यह कानून लागू हो गया है।
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता में संशोधन
सरकार ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Land Law) भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2025 लाकर यह बदलाव किया है। नए प्रावधान में साफ लिखा गया है कि कृषि भूमि का ऐसा कोई उपखंड नहीं बनाया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल 0.05 हेक्टेयर (5 डिसमिल) से कम हो।
अवैध प्लॉटिंग पर लगेगी रोक
राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून से अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती से रोक लगेगी। पहले भी यह नियम भाजपा सरकार (Chhattisgarh Land Law) के कार्यकाल में लागू था, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने इसमें संशोधन कर दिया था। उसके बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में कृषि भूमि काटकर कॉलोनियां बनाने का चलन तेजी से बढ़ गया था। अब नए प्रावधान के तहत 2200 वर्गफीट से कम का कोई भी कृषि प्लॉट रजिस्टर्ड नहीं होगा।
शहरी इलाकों में लागू नहीं होगा नियम
व्यावसायिक वाहनयह नियम केवल ग्रामीण और कृषि भूमि पर लागू होगा। शहरी इलाकों में डायवर्टेड जमीन का व्यावसायिक और आवासीय उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। यानी शहरों में पांच डिसमिल से कम के प्लॉट की रजिस्ट्री संभव होगी।
विवाद खत्म करने के लिए नया प्रावधान
संशोधित अधिनियम में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब किसी ग्राम का सर्वे या री-सर्वे पूरा होने के बाद जारी किए गए जियो-रेफरेंस नक्शे ही मान्य होंगे। सरकार का दावा है कि इससे सीमांकन और बटांकन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद खत्म हो जाएंगे।



