सीजी भास्कर, 24 सितम्बर |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बिजली बिलों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार (22 सितंबर) को सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में महिलाएं और ग्रामीण लालटेन लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और एक दिवसीय धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग की। जिला महामंत्री पप्पू मेश्राम ने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों को 4 से 5 हजार रुपए तक का बिजली बिल आ रहा है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
जिला संयोजक कामेश साहू ने कहा कि सरप्लस बिजली वाले राज्य में दरों में इतनी बढ़ोतरी उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनकी मांग है कि सरकार बिजली बिल में राहत दे और आम जनता के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करे।
धरने के दौरान “बिजली बिल वापस लो”, “जनविरोधी सरकार होश में आओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, और यदि सरकार ने जनता की आवाज़ को अनसुना किया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।





