आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh Mother Son Murder) के नांदयाल जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने गांव ही नहीं बल्कि पूरे इलाके को दहला दिया है। आरोप है कि एक मां ने अपनी ही संतान की जान ले ली। वजह महज एक एकड़ जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
13 एकड़ जमीन का बंटवारा बना विवाद की जड़
नांदयाल जिले के मोटुकुरु गांव की रहने वाली वेंकट शिवम्मा के पास कुल 13 एकड़ कृषि भूमि थी। इनमें से उसने 5-5 एकड़ अपने दोनों बेटों सुधाकर और शिवाजी को दे दी थी, जबकि 3 एकड़ जमीन उसने अपने नाम पर रखी। विवाद तब शुरू हुआ जब सुधाकर को मिली जमीन में से एक एकड़ हिस्सा छोटे भाई शिवाजी के नाम कर दिया गया। यही वजह बनी कि सुधाकर अपनी जमीन बेच नहीं पा रहा था।
कर्ज चुकाने के लिए बेचनी थी जमीन
पुलिस जांच के मुताबिक, सुधाकर पर कर्ज था और वह जमीन बेचकर इस बोझ से छुटकारा पाना चाहता था। लेकिन छोटे भाई शिवाजी के हस्ताक्षर जरूरी थे। शिवाजी ने बार-बार इनकार किया, जिससे भाइयों के बीच तनातनी बढ़ गई। यही विवाद बाद में (Andhra Pradesh Mother Son Murder) केस का कारण बना।
अमावस्या पर फिर हुआ झगड़ा, बेटे की गई जान
पितृ पक्ष अमावस्या के मौके पर शिवम्मा अपने छोटे बेटे शिवाजी के घर आई थी। उसी समय सुधाकर भी वहां पहुंचा। जमीन को लेकर फिर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते हालात बिगड़ गए। इसी दौरान सुधाकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
पत्नी का गंभीर आरोप: आंखों में मिर्च पाउडर डालकर गला घोंटा
मृतक की पत्नी ज्योति ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उसकी सास वेंकट शिवम्मा ने पहले सुधाकर की आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर साड़ी के फंदे से गला घोंट दिया। पत्नी ने यह भी कहा कि इस साजिश में शिवाजी और ननद भी शामिल थे। उसकी शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच और गांव का माहौल
ज्योति का कहना है कि उसने पहले भी कई बार थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने सभी आरोपियों को पूछताछ के दायरे में लिया है। गांव के लोग सदमे में हैं और चर्चा कर रहे हैं कि महज एक एकड़ जमीन के लिए (Andhra Pradesh Mother Son Murder) जैसी वारदात कैसे हो सकती है।





