Indian MPs in UNGA (भारतीय सांसद संयुक्त राष्ट्र महासभा) इस बार भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजधानी दिल्ली से रवाना हुआ 15 सांसदों का यह बहुदलीय दल अब न्यूयॉर्क पहुंच चुका है। सांसद 14 अक्टूबर तक वहां ठहरेंगे और भारत की ओर से विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे।
कौन-कौन सांसद हैं इस दल में?
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी सांसद पी. पी. चौधरी कर रहे हैं। उनके साथ भाजपा से अनिल बलूनी, निशिकांत दुबे और उज्ज्वल निकम शामिल हैं। कांग्रेस की ओर से विवेक तन्खा और कुमारी शैलजा मौजूद हैं। समाजवादी पार्टी से राजीव राय और आरएसपी से एन. के. प्रेमचंद्रन भी इस दल में शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य सदस्य भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह दल भारत की संसदीय विविधता और लोकतांत्रिक ढांचे का संतुलित प्रतिनिधित्व करता है।
भारतीय लोकतंत्र की आवाज़ होगी बुलंद
सांसद पुरंदेश्वरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) एक अहम मंच है, जहां शांति, मानवाधिकार, सुरक्षा, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर देशों को बोलने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का Indian MPs in UNGA प्रतिनिधित्व भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और वैश्विक भूमिका को और मजबूती देगा।
सांसदों का अनुभव और संवाद का अवसर
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र के सत्रों में शामिल होगा, भारत के स्थायी मिशन से विचार-विमर्श करेगा और विश्व मंच पर भारत की आवाज़ को बुलंद करेगा। यह पहल न केवल संसदीय कूटनीति को मजबूत करती है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी उजागर करती है।
क्यों अहम है यह दौरा?
Indian MPs in UNGA प्रतिनिधिमंडल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की विदेश नीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया दोनों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि विभिन्न दलों की भागीदारी से यह सुनिश्चित होता है कि भारत की संसदीय विविधता का संतुलित रूप सामने आए।
UNGA में भारत की पुरानी भूमिका
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) वह निकाय है जहां सभी 193 सदस्य देश एक समान भागीदारी करते हैं। यहां वैश्विक संकटों पर चर्चा होती है और प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। भारत अतीत में भी ऐसे संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजता रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मंच से भारत का पक्ष रखा था। अब लंबे अंतराल के बाद फिर से Indian MPs in UNGA भेजे गए हैं।


