12 नवंबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
2,058 समितियों और 2,739 उपार्जन केंद्रों के कर्मचारियों की चार सूत्री मांगें लंबित
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू, सरकार खरीदेगी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से
सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। धान खरीदी (Cooperative Employees Strike) शुरू होने से पहले ही सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो 12 नवंबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
इस आंदोलन से धान खरीदी (Chhattisgarh Paddy Procurement Protest) प्रभावित हो सकती है। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर एवं छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी आपरेटर संघ ने संयुक्त रूप से उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं अंबिकापुर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रदेश की 2,058 सहकारी समितियों और 2,739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से किसानों को सेवाएं दी जा रही हैं, परंतु कर्मचारियों की पुरानी मांगें अब तक लंबित हैं।
कर्मचारियों ने वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में परिवहन में विलंब के कारण हुई धान सुखत की पूरी राशि समितियों को देने के साथ ही परिवहन साप्ताहिक करने और शून्य शार्टेज प्रोत्साहन की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। धान खरीदी ((Cooperative Employees Strike)) नीति वर्ष 2024-25 में आउटसोर्सिंग से भर्ती व्यवस्था समाप्त कर नियमित नियुक्ति का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी समिति को प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए, जैसा कि मध्यप्रदेश में लागू है।
श्री कांडे कमेटी की अनुशंसा के अनुसार सेवा नियम 2018 में संशोधन कर भविष्य निधि, महंगाई भत्ता, ईएसआइसी सुविधा लागू करने तथा समिति के दैनिक, संविदा कर्मचारियों को भर्ती में प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में 28 अक्टूबर को रायपुर में एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय महा हुंकार ज्ञापन रैली, तीन से 11 नवंबर 2025 तक संभाग स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन तथा 12 नवंबर से लंबित मांगों की पूर्ति तक प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन ((Cooperative Employees Strike) किया जाएगा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा गतवर्ष मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी बैठक में मांगों पर सहमति बनी थी, पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू होगी और 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी, प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा के साथ।





