20 नवंबर को राष्ट्रपति मुर्मु अंबिकापुर में करेंगी जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ।
कार्यक्रम में झांकियों, नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा मंच।
1952 के बाद सरगुजा की धरती पर पहुंचने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मु।
सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu Ambikapur Visit) अंबिकापुर पहुंचेंगी और यहां कालेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगी।
इस दौरान सरगुजा अंचल एक बार फिर जनजातीय परंपरा, संस्कृति और वीरता के रंग में रंग जाएगा। राष्ट्रपति मुर्मु (President Draupadi Murmu Ambikapur Visit) जनजातीय महानायकों की स्मृति को नमन करेंगी। यह आयोजन जनजातीय समाज के संघर्ष, साहस और गौरव को समर्पित रहेगा।
राज्य स्तरीय करमा नृत्य महोत्सव के समापन के साथ विभिन्न जनजातीय नृत्यों और पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम स्थल को जनजातीय सभ्यता की झलक देने वाले रंगों, प्रतीकों और लोक कलाओं से सजाया जाएगा।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में जनजातीय इतिहास, समाज सुधार और वीर सेनानियों पर चर्चा होगी। मंच पर इन महानायकों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी और उनकी जीवनी पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी ।
देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद भी आए थे सरगुजा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सरगुजा आने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद (President Draupadi Murmu Ambikapur Visit) भी वर्ष 1952 में राष्ट्रपति बनने के बाद पंडोनगर आए थे। जिस भवन में वे ठहरे थे, उसे आज राष्ट्रपति भवन के नाम से जाना जाता है। यह भवन आज भी सरगुजा की ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है।
कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर
प्रशासनिक स्तर पर आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, मंच सज्जा और आमंत्रण व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की विशेष टीम गठित की जा रही है। कालेज मैदान और आसपास के इलाकों में सौंदर्यीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। शहर की सड़कों, प्रमुख चौक-चौराहों और प्रवेश द्वारों को जनजातीय कला और प्रतीकों से सजाया जाएगा।
नवंबर के दूसरे सप्ताह में सचिव स्तर के अधिकारी अंबिकापुर आकर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। भाजपा संगठन ने भी कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शहर व ग्रामीण इलाकों में जनजातीय समाज के बीच जाकर आयोजन के महत्व को बता रहे हैं।


