सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत बनहर सर्किल के औरानारा क्षेत्र से एक मार्मिक घटना सामने आई है, जहां लगभग सात माह के हाथी (Elephant Calf Death) शावक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
तालाब में फिसलकर डूबा शावक
मिली जानकारी के अनुसार, बीती शाम करीब 20-22 हाथियों का झुंड औरानारा क्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा था। इसी दौरान एक शावक तालाब के किनारे पानी पीने और खेलने के लिए उतरा। किनारा फिसलन भरा होने के कारण वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। झुंड के वयस्क हाथियों ने शावक को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दृश्य बेहद भावुक था मां हाथी और अन्य वयस्क हाथी शावक को पानी से निकालने की कोशिश में घंटों तक तालाब के आसपास मंडराते रहे। जब बचाव संभव नहीं हुआ तो उन्होंने मिलकर शावक के शव को तालाब के किनारे तक खींचकर रखा।
वन विभाग की टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ वनमंडल के एसडीओ और रेंजर सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शावक की मौत डूबने से हुई है। वन विभाग ने बताया कि घटना वाले क्षेत्र में हाल ही में बने तालाबों की गहराई अधिक है और चारों ओर फिसलन होने से जानवरों के फंसने का खतरा रहता है। इस संबंध में स्थानीय ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है।
लगातार बढ़ रहे हैं हाथियों के मानव क्षेत्र में आने के मामले
छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों में हाथियों के विचरण और दुर्घटनाओं के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के झुंड गांवों और खेतों की ओर आ रहे हैं। वन विभाग ने इस दिशा में ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग को और सख्त करने की बात कही है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ाती है, बल्कि जलाशयों के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता को भी दर्शाती है।


