सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर | छत्तीसगढ़ में पहली बार (Waqf Property Notice) के तहत वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों पर कार्रवाई शुरू की है। बीते तीन महीनों में 1843 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 250 नोटिस रायपुर में दिए गए हैं। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उनमें से कई ने कहा है कि वे इन संपत्तियों पर 25 से 40 साल से रह रहे हैं। अब इस कार्रवाई से प्रदेशभर में हलचल मच गई है।
(Waqf Board Action) से उठा विवाद, भाजपा नेताओं तक पहुंचा मामला
नोटिस मिलने के बाद कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वे जिस जमीन पर हैं, वह उनकी पुश्तैनी है। वहीं, वक्फ बोर्ड का दावा है कि जिन संपत्तियों पर कब्जा है, वे बोर्ड की रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी हैं। मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं तक यह मामला पहुंच गया है, जिन्होंने राज्योत्सव के बाद इसकी समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
छत्तीसगढ़ में वक्फ की 5723 संपत्तियां, जिनमें 4942 पर विवाद (Waqf Property Dispute)
बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में कुल 5723 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से 4942 में किसी न किसी तरह का विवाद या अतिक्रमण है। कुछ जगहों पर कब्जे हैं तो कहीं सीमाएं आगे-पीछे बढ़ाकर निर्माण कर लिए गए हैं। अब जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक से तीन महीने का समय दिया गया है ताकि वे अपने दस्तावेज पेश कर सकें।
(Illegal Encroachment) हटाने की तैयारी, नहीं दिखाए दस्तावेज तो तोड़फोड़ की चेतावनी
वक्फ बोर्ड ने साफ कहा है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं होंगे, उनके कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। नोटिस के बाद जवाब नहीं देने वालों को “फाइनल रिमूवल नोटिस” भेजा जाएगा। बोर्ड ने अपील की है कि सभी लोग इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और समय पर दस्तावेज जमा करें।
रायपुर में सबसे ज्यादा कब्जे, 100 करोड़ की जमीन पर विवाद (Waqf Land Encroachment)
वक्फ बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, नयापारा, बैजनाथपारा, मोमिनपारा, टिकरापारा, नेहरूनगर और ईदगाहभाठा जैसे पॉश इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध कब्जे हैं। सिर्फ राजधानी में ही लगभग 200 से अधिक संपत्तियों पर विवाद है, जिनकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ से अधिक है।
सर्वे के बाद खुली वक्फ संपत्तियों की हकीकत
वक्फ अधिनियम की धारा 4 के तहत हर 10 साल में संपत्तियों का सर्वे होना चाहिए, लेकिन राज्य बनने के बाद केवल एक बार—2023 में—सर्वे हुआ। उसी सर्वे में सामने आया कि बोर्ड के पास लगभग 3500 करोड़ की शहरी और 1500 करोड़ की ग्रामीण संपत्तियां हैं। इनमें से अधिकांश पर कब्जा या निर्माण हो चुका है। अब उन्हीं मामलों में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
बोर्ड का कहना — मौका दिया जाएगा, पर सख्ती जारी रहेगी
वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को नोटिस दी गई है, उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। लेकिन, (Waqf Property Notice) प्रक्रिया में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अब बोर्ड ने साफ संदेश दे दिया है — कब्जे खत्म होंगे और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।





