सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। राज्य के निर्माण विभागों (Construction Payment Delay) में भुगतान में हो रही लगातार देरी, जीएसटी व खनिज रॉयल्टी से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह समिति 10 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन की लंबे समय से चली आ रही मांग (Construction Payment Delay) के बाद उठाया गया है। फिलहाल, विभिन्न निर्माण विभागों में जीएसटी और खनिज रॉयल्टी की अलग-अलग प्रक्रिया लागू होने से ठेकेदारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। कई प्रोजेक्टों के बिल महीनों तक अटके पड़े हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गति प्रभावित हो रही थी।
समिति का मुख्य उद्देश्य इन प्रक्रियाओं को सरल और एक समान नीति में बदलना है, ताकि भुगतान प्रणाली पारदर्शी और तेज हो सके। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि पीडब्ल्यूडी (Construction Payment Delay) में 18 प्रतिशत जीएसटी सहित बिलों के भुगतान में देरी और खनिज रॉयल्टी की जटिल प्रक्रिया के कारण ठेकेदार लगातार परेशान थे। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपा था।
उपमुख्यमंत्री साव ने आश्वासन दिया है कि सभी विभागों की भुगतान प्रक्रिया का एकीकृत समाधान निकाला जाएगा ताकि ठेकेदारों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। एसोसिएशन ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, नई नीति लागू होने के बाद ठेकेदारों को समय पर भुगतान मिलेगा और विभागों में लंबित बिलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।


