सीजी भास्कर, 01 नवंबर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और कक्षा 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे (Collector Dr Sanjay Kannouje) ने शुक्रवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, गाताडीह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया और डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन और शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की। इसके बाद वे विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विषयवार प्रश्न पूछे और उनकी अध्ययन स्थिति का आंकलन किया। कुछ विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास से उत्तर दिए, जिनकी सराहना की गई, वहीं कई छात्रों की कमजोर तैयारी देखकर कलेक्टर ने उन्हें मेहनत कर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा परिणाम कम आना इस बात का संकेत है कि हमें अध्यापन की गुणवत्ता पर और ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों की पढ़ाई कमजोर है, उनके लिए तुरंत अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की जाएं। इन कक्षाओं का संचालन (Collector Dr Sanjay Kannouje) नियमित रूप से हो ताकि आने वाले सत्र में विद्यालय का परिणाम सौ प्रतिशत तक सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ अध्यापक नहीं, बल्कि समाज निर्माता हैं, और उनके प्रयासों से ही एक सशक्त व शिक्षित समाज का निर्माण संभव है।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने शिक्षकों को यह भी याद दिलाया कि प्रत्येक बच्चा जिले का भविष्य है और कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की मदद के लिए शिक्षकों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेकर उन्हें आत्मविश्वास और सहयोग के साथ मार्गदर्शन देना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 के परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ विषयों में छात्रों की समझ गहराई तक नहीं है, जिसके लिए अध्यापन (Collector Dr Sanjay Kannouje) पद्धति में सुधार की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों में समय-समय पर शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार शिविर और मूल्यांकन कार्यशालाएं आयोजित की जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि शिक्षा की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके और शिक्षकों में जवाबदेही तथा अनुशासन की भावना बनी रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया ने कहा कि अब प्रत्येक विद्यालय के परीक्षा परिणामों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन स्कूलों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, उनके प्राचार्य और शिक्षकों से जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा—“मेहनत ही सफलता की कुंजी है। किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। आप सब इस जिले का भविष्य हैं और आपको ही इसे नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है।”


