Social Media Gangster Crackdown : हथियारों के साथ रील बनाकर ‘डॉन’ बनने वालों पर अब नहीं चलेगा सोशल मीडिया का शो—दुर्ग पुलिस ने कसा शिकंजा, 100 अकाउंट की जांच में 14 पर कार्रवाई।
सोशल मीडिया पर ‘Don Image’ दिखाने वालों पर सख्ती शुरू
छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में बीते चार दिनों से पुलिस का विशेष अभियान जारी है। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर खुद को ‘डॉन’ या ‘गैंगस्टर’ बताने वाले युवकों पर अब कड़ी कार्रवाई हो रही है। पुलिस की जांच में सामने आया कि ऐसे वीडियो न केवल कानून तोड़ रहे हैं बल्कि युवाओं में गलत संदेश भी फैला रहे हैं। इसी को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने जिलेभर में 100 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की स्क्रीनिंग की और (Social Media Crime Surveillance) के तहत सख्ती दिखाई।
चार दिन में 14 युवकों पर केस, 20 नाबालिगों को चेतावनी
अभियान के दौरान पुलिस ने 14 युवकों पर कार्रवाई की है। इनमें से दो पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि 12 लोगों से अवैध हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा 20 से ज़्यादा नाबालिगों को उनके अभिभावकों के साथ बुलाकर समझाइश दी गई और उनसे हथियारों वाली पोस्ट हटवाई गई। (Online Weapon Display) वाले अकाउंट्स को भी ट्रैक कर आगे की जांच जारी है।
अमेज़न-फ्लिपकार्ट से आ रहे हथियार, पुलिस ने भेजा नोटिस
जांच के दौरान सामने आया कि कई युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और मेशो के ज़रिए चाकू और अन्य घातक हथियार मंगा रहे थे। इस पर पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस भेजकर ऐसे हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने का आग्रह किया है। दुर्ग पुलिस ने यह भी कहा कि (E-commerce Weapon Ban) पर निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ाई जाएगी।
‘सोशल मीडिया’ के हथियारबाजों पर पुलिस की नजर रहेगी
दुर्ग पुलिस की तकनीकी शाखा और ACCU टीम लगातार सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग कर रही है। जिले के थाना स्तर पर भी निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियारों के साथ पोस्ट करने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पुलिस ने अब तक 300 से अधिक लोगों को चेतावनी दी है और कहा है कि किसी भी ऑनलाइन माध्यम से अवैध हथियार खरीदने या दिखाने वालों पर अब (Digital Policing Action) लागू होगा।
कानून से ऊपर नहीं कोई ‘रील डॉन’
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराध की छवि को महिमामंडित करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना है—“हम चाहते हैं कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल गलत प्रचार के बजाय सकारात्मक कामों के लिए हो। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह रील्स में ‘डॉन’ बने या असलियत में।”





