Cold Wave Alert: नवंबर में ही ठिठुरन, राजधानी ने तोड़ा अपना तीन साल पुराना रिकॉर्ड
दिल्ली-एनसीआर में इस बार सर्दी ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है और Cold Wave Alert का माहौल साफ दिख रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो नवंबर महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे कम आंकड़ा है। मौसम विशेषज्ञ इसे राजधानी में अचानक आई ठंड की मजबूत शुरुआत बता रहे हैं, जिसे (Temperature Drop) का असामान्य संकेत माना जा रहा है।
लगातार गिर रहा तापमान, पिछले वर्षों के रिकॉर्ड भी हुए पुराने
पिछले एक सप्ताह में राजधानी का तापमान लगातार नीचे आ रहा है और Cold Wave Alert की संभावनाएँ बढ़ती जा रही हैं। रविवार को दर्ज हुआ 9°C ने न सिर्फ 2022 और 2023 के स्तर को पार किया, बल्कि तीन साल में नवंबर का सबसे ठंडा दिन भी बना दिया।
2022 में नवंबर का न्यूनतम तापमान 7.3°C दर्ज हुआ था, जबकि 2023 में 9.2°C। इस बार तापमान का शुरुआती गिरावट यह संकेत देती है कि आगे ठंड और मजबूत पकड़ बना सकती है, जो (Winter Forecast) की तरफ इशारा करती है।
Cold Wave Alert: शीतलहर की चेतावनी संभव, सुबह का तापमान लगातार स्थिर
दिल्ली में सोमवार सुबह भी न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज किया गया, जिससे Cold Wave Alert की आशंका और बढ़ गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यदि तापमान ऐसे ही सामान्य स्तर से नीचे बना रहा तो नवंबर में लगभग एक दशक बाद आधिकारिक शीतलहर की घोषणा हो सकती है।
सर्द हवा और साफ आसमान का संयोजन राजधानी के कई हिस्सों में सुबह की ठिठुरन को और तेज कर रहा है।
धुंध, कोहरा और कम विजिबिलिटी—अगले 48 घंटे कठिन
आने वाले दो दिनों के दौरान दिल्ली में सुबह का समय मुश्किल हो सकता है, क्योंकि Cold Wave Alert की स्थिति में हल्का कोहरा और धुंध बढ़ने की संभावना है।
कम विजिबिलिटी के कारण लोगों को सुबह ड्राइविंग करते समय हेडलाइट और फॉग लैंप का उपयोग करना पड़ सकता है। वहीं, आंशिक बादल छाने की भी संभावना है, जो रात के तापमान को और नीचे धकेल सकता है, और इसके चलते ठंड के और तेज़ होने की पूरी गुंजाइश है।
स्वास्थ्य पर असर, विशेषज्ञों ने दी खास सलाह
मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान आने वाले दिनों में 24–26°C के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 12°C तक पहुंचने की उम्मीद है। अचानक आई तापमान गिरावट पर Cold Wave Alert जारी करते हुए विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
हवा में नमी बढ़ने और तापमान में तेज बदलाव के कारण सर्दी, खांसी और सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।





