Religious Conversion Attempt : बिलासपुर ज़िले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के चिल्हाटी गांव में गुरुवार शाम एक कथित भोजन कार्यक्रम ने अचानक विवाद का रूप ले लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें “भोजन” के नाम पर बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर जाने के बाद माहौल कुछ अलग ही दिखा—जहां प्रार्थना जैसी गतिविधियाँ चल रही थीं और लोगों को बाइबिल दी जा रही थी।
- सभा के अंदर क्या चल रहा था—ग्रामीणों का दावा और बढ़ते विरोध की शुरुआत
- Religious Conversion Attempt : पुलिस की कार्रवाई—तीन लोग हिरासत में, पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं
- ग्रामीणों का पक्ष—भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन उद्देश्य कुछ और दिखाई दिया
- Religious Conversion Attempt : तनाव के बाद इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस सतर्क
सभा के अंदर क्या चल रहा था—ग्रामीणों का दावा और बढ़ते विरोध की शुरुआत
गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश करते ही उन्हें प्रार्थना में बैठने को कहा गया और उसके बाद Religious Conversion Attempt जैसा माहौल महसूस हुआ।
इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी गांव में फैलाई, जिसके बाद कई लोग मौके पर पहुंच गए और आपत्ति जताते हुए हंगामा करने लगे।
परिस्थिति देखते हुए स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
Religious Conversion Attempt : पुलिस की कार्रवाई—तीन लोग हिरासत में, पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं
पुलिस टीम ने तुरंत भीड़ को शांत कराया और तीन लोगों—अनिता नायक, अम्बद देवदास और जे. प्रभाकर राव—को हिरासत में लिया।
जांच के दौरान तीनों कथित आयोजकों से यह पूछा गया कि कार्यक्रम में धार्मिक किताबें क्यों बांटी जा रही थीं, पर वे इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
पुलिस ने इनके खिलाफ BNS धारा 299 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है, जो Religious Conversion Attemptसे जुड़े गंभीर आरोपों में आता है।
ग्रामीणों का पक्ष—भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन उद्देश्य कुछ और दिखाई दिया
सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर भोजन की व्यवस्था थी, पर ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें भोजन से पहले धार्मिक सभा में बैठने के लिए कहा गया।
सभा में शामिल होने वालों को बाइबिल भी दी जा रही थी, जिससे लोगों को लगा कि यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि किसी और मकसद का प्रयास हो सकता है।
Religious Conversion Attempt : तनाव के बाद इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस सतर्क
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव जैसी स्थिति बनी रही।
पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि माहौल शांत रहे और किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और आयोजन से जुड़े हर पहलू की जानकारी इकट्ठी की जा रही है—ताकि यह तय हो सके कि यह सिर्फ एक धार्मिक सभा थी या वास्तव में Religious Conversion Attempt का मामला।



