सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत भैंसामुंडा जंगल में हुई बाघ की मौत (Tiger Death Case Surajpur) के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं।
पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पंचायत की महिला सरपंच सिसका कुजूर के कब्जे से बाघ के दो नाखून और बाल (Tiger Nails and Hair Recovery) बरामद किए गए हैं। न्यायालय के आदेश पर महिला सरपंच को न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) पर जेल भेज दिया गया है, जबकि इस प्रकरण में सात अन्य आरोपितों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल एक हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित वन्यप्राणी अपराध (Wildlife Hunting Case) का प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बाघ की मौत के बाद साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया और उसके कीमती अंगों को निकाल लिया गया।
वन विभाग अब बाघ के शेष दांत और अन्य अंगों की बरामदगी (Tiger Body Parts Recovery) के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान जल्द ही पूरी कड़ी सामने आ जाएगी।
बताया गया कि सोमवार को भैंसामुंडा जंगल में बाघ का शव मिलने के बाद प्रथम दृष्टया करंट से मौत (Electrocution Tiger Death) की आशंका जताई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद जांच तेज कर दी गई। शव परीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि बाघ के नाखून और दांत गायब थे, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। इसके बाद वन विभाग ने प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की मदद से इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया।
जांच का दायरा बढ़ने पर स्थानीय सूचना तंत्र से अहम सुराग मिले। इसी कड़ी में महिला सरपंच के घर से बाघ के नाखून और बाल बरामद किए गए। पूछताछ में ईश्वर कुजूर, अभिषेक, विष्णु, प्रेम, रमेश, अक्षय और दिनेश कुजूर (Accused in Tiger Killing) के नाम भी सामने आए, जिन्हें हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी भैंसामुंडा और आसपास के गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं।
सरगुजा वनवृत्त के मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर ने बताया कि पूछताछ में यह तथ्य उभरकर आया है कि आरोपितों ने जंगली सूअर या अन्य वन्य प्राणी के शिकार के लिए जंगल में बिजली प्रवाहित तार (Illegal Electric Wire for Hunting) बिछाया था। दुर्भाग्यवश उसी तार की चपेट में बाघ आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाघ के पीठ का हिस्सा करंट के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था।
मौत के बाद आरोपितों ने घटनास्थल से साक्ष्य हटाने के साथ-साथ धारदार हथियार का इस्तेमाल कर बाघ के दांत और नाखून निकाल लिए (Tiger Teeth and Nail Smuggling)। इस हथियार को भी बाद में बरामद कर लिया गया है। वन विभाग अब यह जांच कर रहा है कि बाघ के अंगों को बेचने की साजिश (Wildlife Smuggling Network) थी या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
वन विभाग और पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा। यह घटना न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण (Tiger Conservation India) के लिए गंभीर चिंता का विषय है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को भी उजागर करती है।


