सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में अवैध धान खरीदी-बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रतनपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई (Ratanpur Police Action) को अंजाम दिया है।
बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन किए जा रहे 150 बोरी धान को पुलिस ने माजदा वाहन सहित जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह धान एक गांव से दूसरे गांव अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम खरगहनी से ग्राम तेंदुभाठा की ओर एक माजदा वाहन में धान की खेप भेजी जा रही है, जिसके पास कोई वैधानिक (Ratanpur Police Action) अनुमति नहीं है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने ग्राम बारीडीह मेन रोड पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका और जांच शुरू की।
जांच के दौरान वाहन में कुल 150 कट्टी धान लदा मिला। वाहन चालक ने अपना नाम रामेश्वर ध्रुव बताया। जब उससे धान से संबंधित खरीदी-बिक्री के दस्तावेज, बिल या परिवहन परमिट मांगे गए, तो वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका। पूछताछ में भी धान के स्रोत और गंतव्य को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा सका, जिससे संदेह और गहरा गया।
मौके की परिस्थितियों और दस्तावेजों के अभाव को देखते हुए पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत माजदा वाहन समेत 150 बोरी धान (Ratanpur Police Action) जब्त कर लिया। पूरे मामले की सूचना तहसीलदार रतनपुर और खाद्य निरीक्षक को दे दी गई है, जिनके द्वारा आगे की वैधानिक प्रक्रिया और जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध धान खरीदी-बिक्री से न केवल शासन की समर्थन मूल्य व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि वास्तविक किसानों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
इसी कारण ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि अवैध धान कारोबार की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध धान परिवहन, भंडारण या खरीदी-बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या नजदीकी थाने को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


