सीजी भास्कर, 29 दिसंबर। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र में अंधविश्वास और तांत्रिक झांसे (Buried Gold Scam) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कथित तांत्रिक ने गड़ा हुआ सोना निकालने और बेटी पर जादू-टोना होने का भय दिखाकर एक किसान परिवार से 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर ठग लिए। पीड़ित परिवार को जब ठगी का अहसास हुआ, तब बतौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।
बतौली थाना क्षेत्र के सेदम गांव निवासी किसान महेंद्र सिंह पैकरा (37) ने पुलिस को बताया कि 5 अक्टूबर को सूरज तिवारी नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंचा। उसने खुद को नासिक का निवासी बताया और कहा कि उनके घर के आंगन में सोना-चांदी गड़ा हुआ है। तांत्रिक ने यह भी दावा किया कि महेंद्र की बेटी पर किसी ने जादू-टोना कर दिया है, जिसके कारण परिवार पर संकट आ सकता है। डर के माहौल में उसने तांत्रिक क्रिया करने की बात कही।
तांत्रिक के कहने पर आंगन में गड्ढा खुदवाया गया, जिसमें पांच नारियल रखवाए गए। परिवार को निर्देश दिया गया कि रोज सुबह-शाम वहां दीया जलाया जाए और किसी को इस बारे में जानकारी न दी जाए। इसके बाद आरोपित ने कहा कि जब तक 13 लाख रुपये इकट्ठा नहीं हो जाते, तब तक “विशेष दवा” नहीं दी जाएगी, जिससे गड़ा हुआ खजाना बाहर आएगा। अंधविश्वास में फंसे किसान परिवार ने धीरे-धीरे रकम जुटा ली।
11 करोड़ के खजाने का सपना दिखाया
महेंद्र सिंह ने जब 13 लाख रुपये (Buried Gold Scam) जुटने की जानकारी दी, तो सूरज तिवारी ने उन्हें रायपुर बुलाया। अक्टूबर माह में महेंद्र और उनकी पत्नी रायपुर पहुंचे, जहां बस स्टैंड के पास तांत्रिक ने उनसे 13 लाख रुपये नकद ले लिए। यही नहीं, महेंद्र की पत्नी से सोने की कान की बाली और तीन पायल भी उतरवा ली गईं। बदले में एक दवा का डब्बा थमाते हुए कहा गया कि इसे गड्ढे में डाल दिया जाए।
आरोपित ने दावा किया कि कुछ दिनों बाद वह अपने लोगों के साथ आकर गड्ढा खुदवाएगा, जिसमें से सोने-चांदी से भरे मटके निकलेंगे। उसने कहा कि इस खजाने की कीमत करीब 11 करोड़ रुपये होगी और दिल्ली से खरीदार भी लाए जाएंगे। इस दौरान उसने पति-पत्नी दोनों के मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिए, ताकि “क्रिया में बाधा न आए।”
ढाई महीने बाद टूटा भ्रम
करीब ढाई महीने बीत जाने के बाद भी जब सूरज तिवारी वापस नहीं आया और उसका मोबाइल बंद बताने लगा, तब परिवार को ठगी का संदेह हुआ। जब गड्ढा दोबारा खोदकर देखा गया, तो उसमें केवल दबे हुए नारियल ही मिले। इसके बाद महेंद्र सिंह ने बतौली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
यह मामला कथित तांत्रिक द्वारा किए गए गड़ा सोना ठगी केस (Buried Gold Scam) से जुड़ा है। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपित की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।


