सीजी भास्कर, 1 जनवरी। केंद्र सरकार ने बुधवार को निमोस्लाइड की 100 एमजी (India Bans Oral Nimesulide) से ज्यादा खुराक पर बैन लगा दिया है। इस दवा का इस्तामाल दर्द और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस दवाई के ज्यादा डोसेज से लीवर और किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के फैसले के पीछे मरीजों में दवा के संभावित सुरक्षा जोखिम बताया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने निमोस्लाइड को किया बैन
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 दिसंबर को निमोस्लाइड (India Bans Oral Nimesulide) के बैन को लेकर अधिसूचना जारी की थी। इसका फैसला आईसीएमआर और सीडीएससीओ की स्पेशल कमेटी की सिफारिक ने लिया था। कमेटी ने चेतावनी दी थी कि दवाई के अधिक डोसेज से लीवर की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जो कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती हैं।
बता दें, इस साल के जनवरी में सरकार ने पशुओं में इस्तेमाल होने वाली सभी निमोस्लाइड दवाओं पर बैन लगा दिया था। इसकी वजह पर्यावरण थी क्योंकि यह दवा गायों में उपयोग होने पर गिद्धों के लिए जानलेवा बन रही थी। रिसर्च में पता चला कि गिद्धों को यह दवा देने पर 24 घंटों में जान चली जाती थी।
2011 में भी निमोस्लाइड पर लगा था बैन
मालूम हो कि, भारत ने 2011 में बच्चों में निमोस्लाइड के प्रयोग पर बैन लगाया था। लेकिन, बड़े मरीजों में इसे इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। मार्च 2023 में भारतीय फार्माकोपिया कमीशन ने चेतावनी दी थी कि यह दवा फिक्स्ड ड्रग एरप्शन (बार-बार एक ही जगह रैश) भी पैदा कर सकती है।





