सीजी भास्कर, 12 जनवरी। कोरबा जिले में धान खरीदी व्यवस्था (Korba Farmer Poison Case) की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। धान नहीं बिकने और टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने जहर का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में किसान को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित (Korba Farmer Poison Case) किसान सुमेर सिंह, ग्राम पुटा (हरदीबाजार क्षेत्र) का निवासी है। बताया गया कि वह पिछले एक महीने से धान बेचने के लिए लगातार भटक रहा था, लेकिन न तो उसका धान खरीदा गया और न ही उसे खरीदी के लिए टोकन मिल पाया। किसान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।
परिजनों के मुताबिक किसान को धान खरीदी केंद्र के फड़ प्रभारी द्वारा लगातार आज-कल कहकर टाल दिया जा रहा था। हर बार खरीदी शुरू होने की उम्मीद में वह केंद्र के चक्कर लगाता रहा, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। मजबूरी में किसान ने कलेक्टर जनदर्शन में भी अपनी समस्या रखी थी, लेकिन वहां से भी उसे कोई ठोस समाधान नहीं मिला।
अस्पताल पहुंचीं सांसद ज्योत्सना महंत
घटना (Korba Farmer Poison Case) की जानकारी मिलने पर कांग्रेस सांसद ज्योत्सना महंत जिला अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित किसान का हाल जाना। उन्होंने परिजनों से चर्चा कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और इलाज में किसी तरह की कमी न हो, इसके निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि धान खरीदी में लापरवाही और अव्यवस्था के कारण किसान लगातार संकट में हैं और ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
धान खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल
किसान द्वारा जहर सेवन की घटना के बाद जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदने का दावा कर रही है, तो फिर किसान को एक महीने तक धान बेचने के लिए भटकना क्यों पड़ा। टोकन व्यवस्था, फड़ प्रभारियों की कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
धान खरीदी में लगातार हो रही देरी, टोकन वितरण में अव्यवस्था और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण किसान मानसिक और आर्थिक दबाव में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते खरीदी प्रक्रिया को सुचारु नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।


