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Naxal Funding Case : राष्ट्र सुरक्षा से जुड़ा मामला, हाईकोर्ट ने नक्सल फंडिंग आरोपी को जमानत से किया इंकार

By Newsdesk Admin
24/01/2026
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Naxal Funding Case
Naxal Funding Case

सीजी भास्कर, 24 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नक्सल फंडिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज (Naxal Funding Case) कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि ट्रायल अंतिम चरण में है और मामला राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं है।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की भूमिका सह-आरोपियों के समान है, जिनकी जमानत पहले ही खारिज की जा चुकी है। ऐसे मामलों में अदालत को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होती है, विशेषकर जब आरोप यूएपीए जैसे गंभीर कानून के अंतर्गत दर्ज हों।

प्रकरण थाना मदनवाड़ा, जिला मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में वर्ष 2024 में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि नक्सलियों द्वारा उपलब्ध कराए गए धन से ट्रैक्टर और ट्रॉली खरीदी (Naxal Funding Case) गई थी। नक्सली फंड से 7.50 लाख रुपये नकद देकर बैंक खाते के माध्यम से भुगतान किया गया और बाद में यह वाहन नक्सली गतिविधियों में उपयोग के लिए सौंप दिया गया।

याचिकाकर्ता मोहन गावड़े पर आरोप है कि उसने नक्सल फंड से खरीदी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग कर नक्सलियों की सहायता की। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि 26 गवाहों की गवाही हो चुकी है, जिनमें से किसी ने भी उसके खिलाफ प्रत्यक्ष बयान नहीं दिया।

राज्य सरकार की ओर से जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा गया कि यह मामला सीधे तौर पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जुड़ा है। सह-आरोपियों को पहले ही राहत नहीं (Naxal Funding Case) दी गई है और ट्रायल अंतिम चरण में पहुंच चुका है, इसलिए जमानत का कोई आधार नहीं बनता।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यूएपीए मामलों में जमानत तभी दी जा सकती है, जब प्रथम दृष्टया आरोपों में कोई ठोस आधार न हो, जो इस मामले में नहीं पाया गया। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी की अनुपस्थिति पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए डीजीपी को निर्देश दिए कि ट्रायल कोर्ट में संबंधित अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। निर्देशों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

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