सीजी भास्कर, 05 फरवरी | Bhoramdeo Jungle Safari : कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में जल्द ही जंगल सफारी की शुरुआत होने जा रही है। वन विभाग ने सफारी से जुड़ी ज़मीनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इस पहल का उद्देश्य ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना और लोगों को जंगल व वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना है।
वन विभाग की योजना के अनुसार, अभ्यारण्य के भीतर करीब 34 किलोमीटर लंबा सफारी रूट विकसित किया गया है। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जहां प्राकृतिक हरियाली और जैव विविधता पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
Bhoramdeo Jungle Safari में वन्यजीवों से नज़दीकी मुलाकात
सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे। यह अनुभव जंगल को केवल देखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसे समझने और महसूस करने का अवसर भी देगा।
इस सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी का रोमांचक मार्ग है। पूरे सफर के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का अनुभव मिलेगा, जो एडवेंचर और नेचर लवर्स—दोनों के लिए यादगार साबित होगा।
Bhoramdeo Jungle Safari से मिलेगा स्थानीय रोजगार
परियोजना में स्थानीय सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामीणों को सीधा रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु अब मंदिर दर्शन के साथ-साथ जंगल का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। यह पहल भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
सुरक्षा और संचालन अंतिम चरण में
वन विभाग के अनुसार, सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।


