सीजी भास्कर, 07 जुलाई। रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों व्यापारियों को राहत दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर नगर पालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025 में लागू वर्गफुट (स्क्वायर फीट) आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए लाइसेंसवार फ्लैट शुल्क प्रणाली लागू करने का आग्रह किया। (Chhattisgarh Chamber of Commerce)
43 व्यवसायों को मिली छूट का स्वागत, लेकिन शुल्क व्यवस्था पर जताई चिंता : Chhattisgarh Chamber of Commerce
चेम्बर ने सरकार द्वारा 43 प्रमुख व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रक्रियागत सरलीकरण को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, नियम-18 के तहत लागू वर्गफुट आधारित वार्षिक पंजीकरण शुल्क व्यापारियों के लिए राहत की बजाय आर्थिक बोझ बन गया है।
छोटे और मध्यम व्यापारियों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव
चेम्बर के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में ₹6 प्रति वर्गफुट की दर से अधिकतम ₹30 हजार तक वार्षिक शुल्क निर्धारित किए जाने से सबसे अधिक असर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ेगा। संगठन ने कहा कि व्यापार को आसान बनाने के बजाय यह व्यवस्था व्यापारियों की लागत बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
‘नाप-जोख से बढ़ेंगे विवाद और भ्रष्टाचार’ : Chhattisgarh Chamber of Commerce
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि वर्गफुट आधारित शुल्क व्यवस्था लागू होने से दुकानों की नाप-जोख के नाम पर निरीक्षण, विवाद और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ेगी। उन्होंने मांग की कि इस व्यवस्था को समाप्त कर सभी व्यापारियों के लिए समान लाइसेंसवार फ्लैट शुल्क लागू किया जाए, जिससे पारदर्शिता और सरलता बनी रहे।
‘व्यापारी हितों की आवाज उठाता रहेगा चेम्बर’
सतीश थौरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का उद्देश्य किसी सरकारी निर्णय का विरोध करना नहीं, बल्कि व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान शासन तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व्यापारियों की इस न्यायसंगत मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों व्यापारियों को राहत प्रदान करेंगे।



