रायपुर में विधानसभा में पेश होने जा रहे आम बजट को लेकर व्यापारियों में खास हलचल है। कारोबारी संगठनों का मानना है कि इस बार बजट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक पर फोकस बढ़ना चाहिए, ताकि राज्य का व्यापार इकोसिस्टम प्रतिस्पर्धी बने। (Chhattisgarh Budget 2025-26) से व्यापारी वर्ग को लाइसेंसिंग और कंप्लायंस की प्रक्रियाओं में सरलीकरण की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने नवा रायपुर में एआई लैब स्थापित करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि इससे युवाओं और स्टार्टअप्स को प्रयोगशाला-सपोर्ट मिलेगा, इनोवेशन तेज होगा और लोकल टैलेंट को प्लेटफॉर्म मिलेगा। (Chhattisgarh Budget 2025-26) में इस तरह की पहल राज्य को टेक-फ्रेंडली बना सकती है।
व्यापारियों की मांग है कि लाइसेंस, परमिट और टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाया जाए। डिजिटल सिंगल-विंडो, तेज़ अप्रूवल और कम कागज़ी कार्रवाई से कारोबारियों का समय और लागत—दोनों बच सकते हैं। (Chhattisgarh Budget 2025-26) से छोटे व्यापारियों को ब्याज सब्सिडी और कार्यशील पूंजी तक बेहतर पहुंच की उम्मीद जताई जा रही है।
महिला चैंबर की प्रदेश अध्यक्ष सुमन कन्नौजे ने मांग रखी कि महिला स्व-सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमों को कच्चा माल, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केट-लिंकज तक सरकार का सहयोग मिले। उनका कहना है कि उत्पादन से लेकर बाज़ार तक सपोर्ट मिलने पर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। (Chhattisgarh Budget 2025-26) में महिला उद्यमिता के लिए विशेष प्रावधान राज्य की ग्रोथ को गति दे सकते हैं।
कारोबारी समुदाय चाहता है कि बजट में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और ई-कॉमर्स सपोर्ट जैसी सुविधाओं पर निवेश बढ़े। इससे एमएसएमई सेक्टर को स्केल-अप करने में मदद मिलेगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि (Chhattisgarh Budget 2025-26) अगर तकनीक, सरलीकरण और स्किलिंग—तीनों पर संतुलित फोकस करता है, तो व्यापारिक माहौल में ठोस सुधार दिखेगा।






