सीजी भास्कर 24 फ़रवरी छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान अवैध मोबाइल टावरों का मामला गरमा गया। विधायक ने कहा कि कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर टावर खड़े कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष है। सदन में यह सवाल (Illegal Mobile Towers in Chhattisgarh) को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर सीधा सवाल बनकर सामने आया।
विधायक ने यह भी पूछा कि मोबाइल टावर लगाने के लिए आवेदन किस विभाग के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं, और अलग-अलग सेवा प्रदाताओं से कितने प्रस्ताव आए हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि यह प्रक्रिया भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के ‘Right of Way’ पोर्टल से होती है, ताकि (Illegal Mobile Towers in Chhattisgarh) जैसे मामलों में पारदर्शिता बनी रहे।
सरकार ने सदन को बताया कि वर्ष 2024 से जनवरी 2026 के बीच कुल 426 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 18 को अनुमति दी गई। निजी भूमि से जुड़े 246 मामलों में संबंधित कंपनियों को सूचित किया गया। यह स्थिति (Illegal Mobile Towers in Chhattisgarh) की गंभीरता और स्वीकृति प्रक्रिया की सख्ती दोनों को दर्शाती है।
अवैध रूप से लगे टावरों पर कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों से हटकर लगे ढांचों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का यह रुख (Illegal Mobile Towers) के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति की ओर इशारा करता है।






